पांच सदस्यीय टीम ने किया कटाव व बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण

प्रधान सचिव जल संसाधन विभाग बिहार सरकार ने रिंगबांध का निर्माण को लेकर मुख्य अभियंता, केंद्रीय रूपांकण, शोध एवं गुण नियंत्रण, पटना महमूद आलम, मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, समस्तीपुर नवल किशोर भारती, निदेशक, राज्य बांध सुरक्षा संगठन, अनिसाबाद, पटना विजय कुमार, अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, खगड़िया रवींद्र सिंह एवं कार्यपालक अभियंता, बांध एवं गेट रूपांकण प्रमंडल-2, पटना हरे कृष्ण प्रसाद की निगरानी में पांच सदस्यीय टीम गठित किया है.

बरौनी. प्रधान सचिव जल संसाधन विभाग बिहार सरकार ने रिंगबांध का निर्माण को लेकर मुख्य अभियंता, केंद्रीय रूपांकण, शोध एवं गुण नियंत्रण, पटना महमूद आलम, मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, समस्तीपुर नवल किशोर भारती, निदेशक, राज्य बांध सुरक्षा संगठन, अनिसाबाद, पटना विजय कुमार, अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, खगड़िया रवींद्र सिंह एवं कार्यपालक अभियंता, बांध एवं गेट रूपांकण प्रमंडल-2, पटना हरे कृष्ण प्रसाद की निगरानी में पांच सदस्यीय टीम गठित किया है. शनिवार को पांच सदस्यीय टीम ने बेगूसराय जिला के गंगा नदी उत्तरी तटवर्ती बाढ़ प्रभावित और कटाव क्षेत्र का निरीक्षण किया. इस संबंध में डाॅ हेमंत कुमार ने बताया कि बेगूसराय जिला के गंगा नदी उत्तरी तटवर्ती बाढ़ प्रभावित और कटाव क्षेत्र का निरीक्षण कर मुख्य अभियंता, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण, समस्तीपुर परिक्षेत्राधीन बेगूसराय की रोकथाम हेतु रिंग बांध के निर्माण के संबंध में आवश्यक परामर्श प्रदान करने के उद्देश्य से विशेषज्ञ दल का गठन किया है जो स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे और इसके बाद रिंग बांध निर्माण का कार्य की दिशा में सरकारी स्तर पर पहल किया जायेगा. बताते चलें कि बेगूसराय जिले में गंगा नदी के उत्तरी तटवर्ती इलाकों में बाढ़ और भूमि कटाव की रोकथाम के लिए रिंग बांध के निर्माण को ग्रामीण गोपाल कुमार ने आवेदनशके माध्यम में प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ को बताया कि बेगूसराय जिला में गंगा नदी के उत्तरी तटवर्ती क्षेत्रों विशेषकर चमथा, जयंतीग्राम विसौआ, अयोध्या घाट, बजलपुरा, मधुरापुर निपानियां, अमरपुर, जयनगर, कसहा, बरियाही में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ एवं नदी द्वारा की जा रही तीव्र भूमि कटाव की समस्या से स्थानीय लोगों व किसानों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इस प्रभावित क्षेत्रों कि आबादी लगभग एक लाख से ज्यादा है एवं ज्यादातर निवासी दलित, महादलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा एवं सामान्य वर्ग के गरीब परिवार से आते हैं. जो खेती और पशुपालन से अपना और अपने परिवार का जीविकोपार्जन कर पाता है. बताते चलें कि प्रत्येक वर्ष गंगा नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण इन क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. जिससे जन-धन की हानि, कृषि भूमि का नष्ट होना, महामारी एवं ग्रामीणों का विस्थापन जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं. भूमि कटाव के कारण उपजाऊ जमीन धीरे-धीरे नदी में समा रहीं है. जिससे किसानों की आजीविका भी संकट में पड़ रही है. इसलिए ग्रामीणों ने मांग किया कि उपरोक्त क्षेत्रों में गंगा नदी के उत्तरी किनारे रिंग बांध (संरक्षणात्मक तटबंध) के निर्माण हेतु आवश्यक पहल की जाये, ताकि इस क्षेत्र के लोगों को विस्थापन की समस्या से निजात, बाढ़ से जान-माल की सुरक्षा, भूमि कटाव की रोकथाम और कृषि भूमि की रक्षा, किसानों की आजीविका की स्थिरता, जलजमाव से होने वाली महामारी से सुरक्षा, दीर्घकालिक रूप से क्षेत्र की बाढ़ सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ गंगा नदी के उत्तरी क्षेत्रों में स्थित प्रमुख कल-कारखाने जैसे एनटीपीसी, फर्टिलाइजर, रिफाइनरी और बरौनी जैसे बड़े औद्योगिक ईकाई भी सुरक्षित रह सकेगी. वहीं इस संबंध में लाइफ लाइन अस्पताल निदेशक डाॅ हेमंत कुमार ने बताया कि लोगों की मांग पर प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ ने मनोज कुमार संयुक्त सचिव को लोगों की समस्या से अवगत कराते हुए इस दिशा में आवश्यक पहल को बात किया. जिसके बाद संयुक्त सचिव ने साकारात्मक पहल करते हुए प्रधान सचिव जल संसाधन विभाग बिहार सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया. वहीं डाॅ हेमंत ने बताया कि पांच सदस्यीय टीम ने काफी बारीकी से कटाव क्षेत्र का निरीक्षण किया है और रिंग बांध निर्माण की दिशा में साकारात्मक आश्वासन दिया गया है. टीम ने सिमरिया गंगाघाट से सटे निपनियां मधुरापुर से लेकर तेघड़ा प्रखंड अंतर्गत प्रभावित क्षेत्र निरीक्षण किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Manish kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >