बीहट. मालती स्थित ठाकुरबाड़ी परिसर शनिवार को कला,संस्कृति और सृजनात्मक ऊर्जा से सराबोर नजर आया,जब नवयुवक नाट्य कला परिषद मालती द्वारा आयोजित ‘वसंतोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ.यह आयोजन केवल ऋतुराज वसंत के स्वागत का उत्सव नहीं था, बल्कि कला के पुनर्जीवन और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक भी बना.कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि आइपीएस सह विकास वैभव ने दीप प्रज्वलन कर किया. उनके साथ प्रभाकर कुमार राय, प्रियम कुमार मौजूद थे.अपने संबोधन में मुख्य अतिथि विकास वैभव ने कहा आज का दिन एक दिव्य संयोग है. एक ओर मां सरस्वती की आराधना हो रही है, वहीं दूसरी ओर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई जा रही है. कहा वसंत प्रकृति का नवजीवन और संस्कृति का उल्लास है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि युवाओं के साकारात्मक सोच से ही विकसित भारत की कल्पना संभव है. उन्होंने कला-प्रेमियों से नाट्य विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने का आह्वान किया. इस अवसर पर उन्होंने मालती गांव के होनहार वैसे छात्रों को भी सम्मानित किया,जिन्होंने अपनी लगन से विभिन्न सरकारी नौकरियों में सफलता हासिल करके गांव और जिले का नाम रौशन किया. इसके पूर्व मुख्य अतिथि का स्वागत नाट्य परिषद अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, सचिव मणिकांत मिश्र द्वारा किया गया. मौके पर नाटक के निर्देशक रामप्रकाश शर्मा, पूजा मंत्री गोपाल कुमार, मुकेश कुमार उर्फ गुड्डु, अनिरूद्ध कुमार,प्रद्युम्न राय, माधव कुमार, विनय राय ओमकार मिश्रा, साकेत कुमार ,राकेश कुमार, राहुल कुमार ,टुनटुन कुमार, मधुसूदन मिश्रा ,विवेक कुमार, अमित कुमार ,शिवम कुमार, रंजीत कुमार सहित मालती सहित आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण उपस्थित थे. इस मौके पर कलाकारों के द्वारा एक शहीद नाटक का मंचन किया गया. जिसकर दर्शकों ने खूब सराहना की.
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