बेगूसराय : प्याज की आसमान छू रही कीमतों को लेकर अब लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है. यह आक्रोश अब सड़क पर दिखायी पड़ने लगा है. प्याज की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर रसोई घरों में किच-किच भी देखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि समय-समय पर सरकार प्याज की दरों में बेतहाशा वृद्धि कर लोगों की परेशानियां बढ़ा देती है. इस मामले को लेकर मंगलवार को शहर में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं ने गले में प्याज की माला लटका कर प्रदर्शन किया.
प्याज की बढ़ी कीमतों को ले सड़क पर िकया गया प्रदर्शन
बेगूसराय : प्याज की आसमान छू रही कीमतों को लेकर अब लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है. यह आक्रोश अब सड़क पर दिखायी पड़ने लगा है. प्याज की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर रसोई घरों में किच-किच भी देखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि समय-समय पर सरकार प्याज की दरों में बेतहाशा […]

आयोजित सभा में संगठन की महिला जिला अध्यक्ष रिंकू साहू ने कहा कि प्याज की आसमान छू रही कीमतों ने बजट और रसोई दोनों को बर्बाद कर दिया है. प्याज रसोई की एक महत्वपूर्ण चीज है. प्याज के बिना तो मांसाहारी व्यंजनों की कल्पना भी नहीं की जा सकती. प्याज के बिना कोई भी व्यंजन स्वादिष्ट नहीं बन पाता है.
70 रुपये किलो प्याज खरीदने में घर के बजट तो बिगड़ ही रहा है. प्याज के मौसम में जिस समय प्याज की फसल होती है अगर उसी समय प्याज का भंडारण गंभीरता पूर्वक किया जाता है तो आज प्याज की कीमत आसमान पर नहीं पहुंचती.अगर प्याज की दिक्कत देश में हो रही है तो सरकार को प्याज आयात करके जनता की परेशानी दूर करनी चाहिए.
हम लोग सरकार से जमाखोरों पर कड़ी कार्रवाई करने, प्याज की कालाबाजारी पर रोक लगाने और प्याज को सरकारी स्तर पर सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की मांग करते हैं. सुलोचना देवी ने कहा कि बार-बार प्याज के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि कर लोगों को परेशान किया जा रहा है.
अगर इस तरह का रवैया जारी रहा तो महिलाएं सड़क पर उतर कर अपने आंदोलन को और धारदार बनायेंगे. मौके पर जिला उपाध्यक्ष सिकंदर पोद्दार, कुमोद कुमार, मुन्ना कुमार, सुलेखा देवी, इमरती देवी, नीलम देवी, छात्र जिला अध्यक्ष मनीष करण, छात्र उपाध्यक्ष ललन टाइगर, वीरू कुमार, अमन कुमार, मुरारी सिंह, सुजीत कुमार, नावकोठी प्रखंड अध्यक्ष रविकांत सिंह, सुनील कुमार, राकेश कुमार, चुनचुन राम, मो इस्माइल ,मो इब्राहिम, रामनिवास महतो, अशर्फी पासवान सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे.