सड़क हादसे में दो की मौत, दो घायल

बेगूसराय : ठीक ही कहा गया है कि अनहोनी को कोई नहीं टाल सकता है. कुछ इसी तरह की अनहोनी की घटना लाखो ओपी क्षेत्र के एनएच 31 गुप्ता बांध सड़क के पास गुरुवार को हुई. जिसमें लाखो पचपन टोला निवासी चुनचुन देवी और लाखो ओपी क्षेत्र के बहदरपुर निवासी अजय पासवान की मौत हो […]

बेगूसराय : ठीक ही कहा गया है कि अनहोनी को कोई नहीं टाल सकता है. कुछ इसी तरह की अनहोनी की घटना लाखो ओपी क्षेत्र के एनएच 31 गुप्ता बांध सड़क के पास गुरुवार को हुई. जिसमें लाखो पचपन टोला निवासी चुनचुन देवी और लाखो ओपी क्षेत्र के बहदरपुर निवासी अजय पासवान की मौत हो गयी. इस हादसे के बाद दुर्घटनास्थल पर कोहराम मच गया. चारों तरफ चीख- पुकार से पूरा वातावरण गमगीन हो गया. हादसे की सूचना मिलते ही आस-पास के लोग अपनों की खोज में दुर्घटना स्थल की ओर रवाना हो गये .
नाती के जन्मदिन में शामिल होने के लिए घर से निकली थी चुनचुन देवी :सड़क हादसे में मृत महिला चुनचुन देवी अपनी दो बेटियों के साथ नाती के जन्मदिन समारोह में शरीक होने दलसिंहसराय जाने के लिये निकली थी. उसे क्या पता था कि जिस हंसी खुशी के साथ अपने नन्हें नाती के चेहरा दिल में बसाये इ-रिक्शा पर बैठी है. उक्त रिक्शा उसे नाती तक नहीं पहुंचा सकेगा. मृत महिला की दो बेटियां सुषमा भारती और दिव्या भारती की भी जख्मी हालत में इलाज चल रहा है. दोनों घायल बेटी ने तो अपने आंखों के सामने ही मौत के मंजर को गुजरते देखा है.उसकी आंखें अभी भी शून्य को निहार रहीं है.
घटना की दहशत उसकी आंखों में साफ-साफ दिखायी पड़ रही थी. हादसे में मृत महिला चुनचुन देवी के पति निरंजन भारती की भी मौत दो वर्ष पूर्व सड़क हादसे में ही लाखो एनएच 31 पर ही हो गयी थी. चारों बच्चे के सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद बच्चों के लालन-पालन का भार मां चुनचुन देवी ही उठा रखी थी. चुनचुन देवी खेती-बाड़ी व पोलियो अभियान में शामिल होकर अपने चारों बच्चे अभय भारती, राजबाबु भारती, सुषमा भारती, दिव्या भारती की परवरिश कर रही थी. यहां तक कि अपने शादीशुदा बेटी संध्या भारती को भी पिता का प्यार मां से ही प्राप्त हो रहा था. इस घटना ने चारों बच्चों को अनाथ ही बना डाला है.परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.
सबके जुबान में यही चर्चा है कि अब बच्चों की देखभाल कैसे होगा. पूरा गांव ही घटना को लेकर गमगीन है. बड़ी संख्या में लोग पीडि़त परिवार के घर तक पहुंच कर परिवार के सदस्यों को सांत्वना दे रहे हैं. सड़क हादसे में मृत महिला का शव जैसे ही सदर अस्पताल पहुंचा कि पीड़ित परिवार एवं अन्य लोगों की भीड़ जमा हो गयी. पीड़ित परिवार के क्रंदन से अस्पताल परिसर में कोहराम मचा रहा. एक तरफ मां का शव तो दूसरी तरफ गंभीर अवस्था में बेड पर पड़ी उसकी पुत्री को देख आने वाले लोग भी अपनी आंखों से आंसू को नहीं रोक पा रहे थे.

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