Banka Viral Fever Alert : बदलते मौसम और लगातार हो रही बारिश के बीच पंजवारा एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में वायरल फीवर तेजी से पैर पसार रहा है. संक्रमण की चपेट में बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी आ रहे हैं. हालात यह हैं कि सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं. बढ़ते मरीजों की संख्या ने लोगों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है.
ओपीडी में बढ़ी मरीजों की भीड़
वायरल फीवर के बढ़ते मामलों के कारण पंजवारा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है. स्थानीय अस्पतालों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. डॉक्टरों के अनुसार इस बार वायरल फीवर सामान्य बुखार की तुलना में अधिक समय तक असर दिखा रहा है.
चार से पांच दिन में ठीक हो रहे मरीज
चिकित्सक डॉ. उदय शंकर झा ने बताया कि वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ होने में चार से पांच दिन तक का समय लग रहा है. मौसम में बदलाव के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है. उन्होंने लोगों से शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है.
तेज बुखार और शरीर दर्द प्रमुख लक्षण
अस्पताल पहुंच रहे मरीजों में अचानक ठंड लगना, तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं. इसके अलावा कई मरीजों में गले में खराश, सर्दी और सूखी खांसी के लक्षण भी देखे जा रहे हैं.
साफ-सफाई और खान-पान में बरतें सावधानी
डॉ. उदय शंकर झा ने बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि आसपास जलजमाव नहीं होने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, ताकि मच्छरों और संक्रमण फैलाने वाले जीवों का खतरा कम हो सके.
गर्म भोजन और शुद्ध पानी का करें सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को ताजा और गर्म भोजन करने की सलाह दी है. पीने के लिए उबले हुए या फिल्टर किए गए पानी का इस्तेमाल करना चाहिए. भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, क्योंकि वायरल संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल सकता है.
बिना सलाह एंटीबायोटिक लेने से बचें
डॉक्टरों ने लोगों को घरेलू उपचार या बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने की अपील की है. खासकर एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए. समय पर इलाज और सावधानी से वायरल फीवर को नियंत्रित किया जा सकता है.
