बौसी, बांका,से संजीव पाठक की रिपोर्ट :
मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत चिरेयाँ महोवा मोड़ से बौंसी डैम रोड तक मरम्मत कार्य पर 463.873 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है. करोड़ों की लागत से बन रही यह सड़क लोगों के लिए राहत के बजाय मुसीबत बन गई है. करीब 5.550 किलोमीटर लंबी इस सड़क की हालत बेहद खराब है. जगह-जगह सड़क उखड़ गई है और गड्ढों में पानी भरने से स्थिति और खतरनाक हो गई है. बड़े वाहनों के साथ-साथ दोपहिया चालकों को भी रोजाना जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि विभाग द्वारा मरम्मत कार्य बेहद धीमी गति से किया जा रहा है. कई स्थानों पर केवल गिट्टी और स्टोन डस्ट डालकर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे सड़क और अधिक खतरनाक हो गई है.जान जोखिम में डालकर चलने को विवश राहगीर
धूल, फिसलन और गड्ढों के बीच लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं. यह सड़क चंदन डैम, बौंसी और आसपास के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ती है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं. इसके बावजूद कार्य की रफ्तार सुस्त रहने से लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य तेज और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा नहीं किया गया, तो बड़ा हादसा हो सकता है. अब सवाल यह उठ रहा है कि जब करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो लोगों को बेहतर सड़क सुविधा कब मिलेगी.सितंबर 2025 से शुरू होना था कार्य
संवेदक द्वारा लगाए गए बोर्ड के अनुसार, मरम्मत कार्य सितंबर 2025 से शुरू होना था, लेकिन अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है. वहीं, कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा सितंबर 2026 निर्धारित है. इससे स्पष्ट है कि संवेदक द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जा रही है. इस संबंध में पूछे जाने पर विभाग के कार्यपालक अभियंता विमल कुमार ने बताया कि संवेदक को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है और एक सप्ताह के भीतर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
