भीषण गर्मी और लू से बेहाल चांदन, बाजार और बस स्टैंड पर पसरा सन्नाटा
Banka News : चांदन प्रखंड क्षेत्र में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. सुबह से ही तेज धूप के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं, जबकि सड़कों और बाजारों में वीरानी का माहौल देखा जा रहा है.
चांदन (बांका) से अमरेंद्र पांडेय की रिपोर्ट
Banka News : चांदन प्रखंड क्षेत्र में कई दिनों से लगातार पड़ रही प्रचंड धूप और उमस भरी गर्मी के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. सुबह आठ बजे के बाद ही तेज धूप का असर इतना बढ़ जा रहा है कि लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं. बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग गमछा, छाता और चेहरे को ढककर बाहर निकल रहे हैं.
सड़कों पर पसरा सन्नाटा
भीषण गर्मी का असर बाजार क्षेत्र की मुख्य सड़कों, हाट-बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर साफ देखा जा रहा है. आम दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है. प्रखंड मुख्यालय, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बैंक और अस्पतालों में भी लोगों की उपस्थिति सामान्य दिनों से बेहद कम दर्ज की जा रही है.
हीटवेव की चपेट में लोग, अस्पतालों में बढ़ी भीड़
तेज गर्मी और लू के कारण लोग लगातार बीमार हो रहे हैं. दस्त, उल्टी, सिर दर्द, बुखार, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याओं से ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. कई मरीजों को लू-वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है.
जलसंकट ने बढ़ाई मुश्किलें
गर्मी के कारण क्षेत्र में चापाकल और कुओं का जलस्तर काफी नीचे चला गया है. वहीं कई जगहों पर जलमीनार से पानी की सप्लाई बाधित रहने से लोगों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार जैसी स्थिति बन गई है.
चिकित्सकों की सलाह
चांदन सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आशीष कुमार ने लोगों से अपील की है कि अत्यधिक धूप में बाहर निकलने से बचें. उन्होंने कहा कि सफेद गमछा और धूप चश्मा का उपयोग करें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. साथ ही उन्होंने फास्ट फूड से परहेज और ओआरएस के सेवन की सलाह दी है ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके.
प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे हीटवेव को हल्के में न लें और पूरी सावधानी बरतें. विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का अधिक ध्यान रखने की जरूरत बताई गई है.