कजरा के वैष्णवी दुर्गा की महिमा है निराली

स्थानीय कजरा बाजार स्थित श्रीश्री 108 वैष्णवी दुर्गा मंदिर की हर बात निराली व महिमा न्यारी है

कजरा.

स्थानीय कजरा बाजार स्थित श्रीश्री 108 वैष्णवी दुर्गा मंदिर की हर बात निराली व महिमा न्यारी है. मां वैष्णवी दुर्गा मंदिर की स्थापना सम्वत् 1985 ई में हुई. इससे पहले झोपड़ी नुमा मां की पूजा होती थी. बुजुर्गो की मानें तो उस समय कजरा बाजार निवासी बिरंची साव ने बाजार से चंदा इकठ्ठा कर दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित करके पूजा का शुभारंभ किया था, तब से पूजा की जा रही है. वर्तमान समय में संवत 2081 चल रहा है यानि अभी कुल मिलाकर मइया लगभग 96 साल से मइया का दरबार सजता आ रहा है. वहीं न जाने इतने लंबे समय से मां के दरबार में कितने कजरा क्षेत्रवासियों के श्रद्धालुओं की पीढ़ियों का निहाल कर चुका है. हर वर्ष पूजा को बेहतर ढंग से मनाने के लिए दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों के द्वारा दिन प्रतिदिन लीन नजर आते है, मां का दरबार चहुंओर सजने लगा है. श्रद्धालुओं को ज्यादा से ज्यादा रिझाने की कवायद में समिति के सदस्यों द्वारा दिनरात एक करके ताबड़तोड़ मेहनत कर रहे है.

माता की प्रतिमा को अंतिम रूप में देने में जुटे भक्त

एक ओर जहां मां की मनमोहक प्रतिमा का निर्माण क्षेत्रीय मूर्तिकार निस्ता निवासी फूलों पंडित के पुत्र साधु पंडित द्वारा किया जा रहा है. मां की मंदिर को सजाने व संवारने के लिए तेरे नाम के द्वारा पंडाल निर्माण से लेकर लाईट तक का काम किया जा रहा है. मां का दर्शन को लेकर जबरदस्त भीड़ उमड़ती है. भीड़ लगभग कजरा क्षेत्र के लगभग 17 गांव के लोग मां का दर्शन के लिए आते है. जिसमें बंशीपुर, अरमा, माधोपुर, मदनपुर, केशोपुर, कजरा बाजार, बिक्रमपुर, बासुदेवपुर, नरोत्तमपुर, श्रीघना, लखना, बेलौंजा, रामतलीगंज, शिवडीह, सहमालपुर, खैरा, महसोनी, श्रीकिशुन कोड़ासी, कानीमोह, शीतला व राजघाट कोल में रह रहे कोड़ासी के लोग मां का दर्शन के लिए आते है.

आय का साधन

शुरुआती के दौर से ही ग्रामीणों के सहयोग से पूजा-अर्चना जोर शोर से किया जा रहा है. इस पूजा समीति का अध्यक्ष रवींद्र सिंह व सचिव बबन सिंह ने बताया कि पूजा समीति एवं अन्य ग्रामीणों के सहयोग से भव्य रूप से मइया का दरबार सजाया व संवारा जा रहा है. वर्षो से वैष्णवी देवी की प्रतिमा स्थापित की जा रही है. ऐसी मान्यता है कि पवित्र सच्चे मन से भक्तों द्वारा मांगी गई मन्नते जहां पूरी होती है. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूजा समीति के सभी सदस्य काफी सक्रिय है. देवी दर्शन के लिए पुरुष व महिलाओं के लिए अलग-अलग द्वार का निर्माण कराया गया है. साथ ही असामाजिक तत्वों को दूर रखने के लिए तीसरे नेत्र यानि सीसीटीवी कैमरे की निगरानी के साथ साथ सादे लिवास में पुलिस प्रशासन भी तैनात रहेंगे.

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By Rajeev Murarai Sinha Sinha

Rajeev Murarai Sinha Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

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