लघु जल संसाधन विभाग बांका में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के चार अलग-अलग ठिकानों पर मंगलवार को विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक साथ छापेमारी की. पटना, वैशाली और बांका स्थित परिसरों में की गई इस कार्रवाई के दौरान शुरुआती जांच में जमीन खरीद के तीन महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं. एसवीयू की टीम फिलहाल अभियंता की चल-अचल संपत्तियों का आकलन करने में जुटी है.
इन पांच ठिकानों पर एक साथ हुई छापेमारी
विशेष निगरानी इकाई की टीमों ने पूरी रणनीति के तहत कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के ठिकानों पर दबिश दी. टीम ने पटना के महावीर नगर स्थित नंदिनी अपार्टमेंट के फ्लैट, बेऊर स्थित निजी मकान, वैशाली जिले के पातेपुर थाना अंतर्गत सिमरवारा स्थित पैतृक आवास और बांका स्थित उनके कार्यालय व जगतपुर स्थित किराये के मकान में एक साथ जांच शुरू की. इन सभी स्थानों पर कागजातों और संपत्ति के ब्योरे को गहनता से खंगाला जा रहा है.
एफआईआर दर्ज होने के अगले दिन ही बड़ी कार्रवाई
एसवीयू अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, कार्यपालक अभियंता के पास आय के वैध स्रोतों से अधिक अवैध संपत्ति अर्जित करने की पुख्ता सूचना मिली थी. गुप्त पड़ताल में आरोपों की पुष्टि होने के बाद 10 अगस्त को एसवीयू थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई. एफआईआर दर्ज होने के ठीक अगले दिन 11 अगस्त को अदालत से वारंट लेकर यह बड़ी छापेमारी अंजाम दी गई.
बैंक पासबुक और परिजनों की संपत्तियों की जांच जारी
फिलहाल अधिकारी अभियंता और उनके परिजनों के नाम से मौजूद बैंक खातों, पासबुक और निवेश से जुड़े अन्य कागजातों की बारीकी से जांच कर रहे हैं. एसवीयू अधिकारियों का कहना है कि संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही आय से अधिक संपत्ति के कुल आंकड़े का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा. इस कार्रवाई से विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
