सदर अस्पताल बांका में ओपीडी का संचालन दो पालियों में किया जा रहा है. पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 4 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगी. इस दौरान अलग-अलग विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श देंगे.
मेडिकल और गायनी में ये डॉक्टर रहेंगे मौजूद
मेडिकल ओपीडी में डॉ. उस्मान गनी मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देंगे. गायनी ओपीडी में डॉ. अनिता अरुण, डॉ. ममता कुमारी और डॉ. माहे कायनात की ड्यूटी लगाई गई है. महिला मरीज निर्धारित समय के अनुसार अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श ले सकती हैं.
सर्जरी, हड्डी और बच्चों के मरीजों के लिए भी डॉक्टर तैनात
सर्जरी और अर्थो ओपीडी में डॉ. पवन कुमार मरीजों को देखेंगे. बच्चों के इलाज के लिए पीडिया ओपीडी में डॉ. कुमार अमिश की तैनाती की गई है. वहीं आंखों से संबंधित परेशानी के लिए आई ओपीडी में डॉ. गुंजन कुमार, उमेश कुमार और अंकित कुमार अपनी सेवा देंगे.
ईएनटी, डेंटल और फिजियोथरेपी की भी सुविधा
कान, नाक और गला से संबंधित मरीजों के लिए ईएनटी ओपीडी में गजनाफर अली मौजूद रहेंगे. दांत से जुड़ी समस्या के लिए डेंटल ओपीडी में डॉ. मनोज कुमार मरीजों को देखेंगे. फिजियोथरेपी विभाग में डॉ. मणिशंकर और डॉ. वकार मुस्तफा अपनी सेवाएं देंगे.
इमरजेंसी में तीन पालियों में डॉक्टरों की ड्यूटी
सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा 24 घंटे चालू रहेगी. यहां चिकित्सकों की ड्यूटी तीन पालियों में निर्धारित की गई है. पहली पाली सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक और तीसरी पाली रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक होगी.
इमरजेंसी की पहली पाली में डॉ. सूरज कुमार और डॉ. विजय कुमार, दूसरी पाली में डॉ. दिनकर झा तथा तीसरी पाली में डॉ. अबसार आलम अपनी सेवाएं देंगे.
एसएनसीयू और महिला चिकित्सकों की भी अलग-अलग ड्यूटी
एसएनसीयू में पहली पाली में डॉ. कुमार अमिश, दूसरी पाली में डॉ. बाल कृष्ण चौधरी और तीसरी पाली में डॉ. जितेंद्र कुमार की ड्यूटी लगाई गई है. वहीं महिला चिकित्सकों में पहली और दूसरी पाली में डॉ. रश्मि सीमा तथा तीसरी पाली में डॉ. अनिता अरुण अपनी ड्यूटी पर रहेंगी.
ब्लड बैंक और एनेस्थेसिया में भी चिकित्सक रहेंगे मौजूद
अस्पताल प्रशासन के अनुसार ब्लड बैंक और एनेस्थेसिया विभाग में भी चिकित्सकों की तैनाती रहेगी. इससे अस्पताल में इलाज के दौरान आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी. मरीजों और उनके परिजनों को सलाह है कि सामान्य बीमारी के इलाज के लिए ओपीडी के निर्धारित समय में ही अस्पताल पहुंचें, जबकि गंभीर या आकस्मिक स्थिति में सीधे इमरजेंसी सेवा का लाभ लिया जा सकता है.
