Shravani Mela 2026: बांका. विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के सफल और व्यवस्थित आयोजन को लेकर बांका जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इस वर्ष 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होने वाले मेले में लाखों कांवरिया सुलतानगंज से गंगाजल लेकर बांका जिले से होते हुए देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और दुमका के बाबा बासुकीनाथ धाम तक जाएंगे. प्रशासन ने श्रद्धालुओं के विश्राम और यात्रा में किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए ध्वनि प्रदूषण पर विशेष नियंत्रण के निर्देश दिये हैं.
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी राजकुमार ने होटल, धर्मशाला, विश्रामशाला और अन्य संबंधित संस्थानों को निर्देश दिया है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं किया जाएगा. दिन के समय भी केवल सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जा सकेगा.
डीजे और अश्लील गीतों के प्रसारण पर पूर्ण रोक
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान पूजा पंडालों, जुलूसों एवं धार्मिक कार्यक्रमों में डीजे बजाने तथा अश्लील गीतों के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. सभी डीजे संचालकों से निर्धारित नियमों के अनुसार बांड भी भरवाया जाएगा.
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि कांवरिया पथ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु विश्राम करते हैं. तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर और डीजे से उन्हें परेशानी होती है. इसलिए शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है.
नियम तोड़ने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
अनुमंडल पदाधिकारी राजकुमार ने कहा कि जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी. संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है.
'श्रद्धालुओं को मिले सुरक्षित और शांत वातावरण'
Shravani Mela 2026: जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान प्रत्येक कांवरिया को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांत वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न हो, इसके लिए पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें.
