Shravani Mela 2026: बांका जिले के कटोरिया क्षेत्र में शुक्रवार को श्रावणी मेला अपने चरम उत्साह पर दिखाई दिया. विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के नौवें दिन कच्ची कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा मार्ग शिवभक्ति के रंग में रंग गया.
केसरिया वस्त्र धारण किए हजारों शिवभक्त हाथों में कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहे. चारों ओर ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय शिवशंकर’ के जयघोष गूंजते रहे. रास्ते में बज रहे भक्ति गीतों ने माहौल को पूरी तरह शिवमय बना दिया.
नंगे पांव भी नहीं रुका श्रद्धा का सफर
सुबह से ही कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई देने लगीं. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, कांवरियों की संख्या लगातार बढ़ती गई.
कई श्रद्धालु नंगे पांव यात्रा करते हुए आगे बढ़ रहे थे, जबकि अनेक कांवरिये कांधे पर कांवर लेकर पूरी आस्था और समर्पण के साथ बाबा धाम की ओर कदम बढ़ाते रहे. कठिन यात्रा और थकान के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी.
सेवा शिविर बने श्रद्धा और सहयोग का केंद्र
कांवरिया पथ पर विभिन्न पड़ावों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा सेवा शिविर लगाए गए हैं. इन शिविरों में श्रद्धालुओं को नींबू पानी, नींबू चाय, शर्बत, फल और अन्य आवश्यक सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं.
स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं. जगह-जगह विश्राम, पेयजल और प्राथमिक सहायता की व्यवस्था की गई है, जिससे लंबी यात्रा करने वाले कांवरियों को काफी राहत मिल रही है.
भक्ति गीतों से गूंज उठा पूरा मार्ग
कांवरिया पथ पर जगह-जगह बज रहे शिव भजनों और भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. ‘जय-जय शिवशंकर, कांटा लगे ना कंकड़, प्याला जो तेरे नाम का पिया...’ जैसे लोकप्रिय भजनों पर कई श्रद्धालु झूमते नजर आए.
भक्ति, संगीत और सामूहिक आस्था का यह दृश्य श्रावणी मेला की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को जीवंत करता दिखा.
Shravani Mela 2026: भजन-कीर्तन से मिट रही यात्रा की थकान
यात्रा के दौरान कई स्थानों पर कांवरिये विश्राम करते दिखाई दिए, जबकि अनेक श्रद्धालु भजन-कीर्तन में शामिल होकर अपनी थकान दूर करते रहे.
सेवा शिविरों में मिल रही व्यवस्था और स्थानीय लोगों का सहयोग कांवरियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है. श्रद्धा, सेवा और समर्पण का यह संगम कटोरिया के कांवरिया पथ को श्रावणी मेला के सबसे जीवंत पड़ावों में से एक बना रहा है.
श्रावणी मेला के नौवें दिन कटोरिया क्षेत्र में उमड़ी यह आस्था बताती है कि बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्वास, अनुशासन और सामूहिक भक्ति का अद्भुत उत्सव भी है.
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