झमाझम बारिश में भी नहीं थमी कांवर यात्रा, बोलबम के जयघोष के साथ बाबाधाम की ओर बढ़ते रहे श्रद्धालु

कटोरिया से होकर गुजरने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला मार्ग पर बारिश के बावजूद कांवरियों का उत्साह चरम पर रहा. 'बोलबम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ हजारों भक्त बाबा वैद्यनाथ की ओर बढ़ते रहे. सेवा शिविरों ने पूरी तत्परता से श्रद्धालुओं की सेवा की.

Shravani Mela 2026: कटोरिया से होकर गुजर रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला मार्ग पर बुधवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. दोपहर बाद करीब दो घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने कांवरिया पथ का पूरा माहौल बदल दिया. उमस और तेज गर्मी से परेशान शिवभक्तों को ठंडी हवाओं और बारिश ने राहत दी, लेकिन सबसे खास बात यह रही कि बारिश के बावजूद ‘बोलबम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष नहीं थमे. भीगते हुए भी हजारों कांवरिये सुल्तानगंज से देवघर की ओर अपने संकल्प के साथ आगे बढ़ते रहे.

श्रावणी मेला के सातवें दिन कांवरिया पथ पर अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालुओं की टोलियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं. किसी ने पारंपरिक कांवर उठाई थी, तो कोई रंग-बिरंगे वेश में बाबा बैद्यनाथ के दरबार की ओर बढ़ रहा था. रास्ते में हर कदम पर भक्ति, सेवा और उत्साह का अद्भुत संगम दिखाई दिया.

बारिश ने दी राहत, नहीं रुका एक भी कदम

बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर बाद तेज बारिश शुरू हो गई.

कांवरिया पथ पर कीचड़ और पानी जमा होने के बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके. महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग सभी अपने-अपने संकल्प के साथ बाबा वैद्यनाथ को गंगाजल अर्पित करने की यात्रा जारी रखते रहे.

कई कांवरिये पूरी तरह भीग चुके थे, लेकिन उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि भक्ति का उत्साह दिखाई दे रहा था.

‘चाचा बम’ से ‘छोटू बम’ तक, सबका लक्ष्य एक

इस बार भी कांवरिया पथ पर श्रद्धा के कई रंग देखने को मिल रहे हैं.

कांवरियों की टोलियों में ‘चाचा बम’, ‘चाची बम’, ‘छोटू बम’ और ‘मोटू बम’ जैसे नामों से पुकारे जाने वाले श्रद्धालु यात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.

इन नामों के पीछे भले ही अपनापन और हास्य का भाव हो, लेकिन सभी के मन में एक ही संकल्प है बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग पर पवित्र गंगाजल अर्पित करना.

सेवा शिविरों में लगातार चल रही श्रद्धालुओं की सेवा

बारिश के दौरान भी कांवरिया पथ पर लगे सेवा शिविर पूरी तरह सक्रिय रहे.

श्रद्धालुओं को विश्राम, भोजन, नाश्ता, शुद्ध पेयजल, नींबू शरबत, नींबू चाय, दूध चाय, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं.

स्वयंसेवकों ने बारिश के बीच भी बिना रुके कांवरियों की सेवा जारी रखी.

कई धर्मशालाओं और शिविरों में उमड़ी भीड़

कटोरिया क्षेत्र से गुजरने वाले कांवरिया पथ पर किशनगंज सेवा सदन, कांवरिया धर्मशाला, छत्तीसगढ़ धर्मशाला, मिथिला धर्मशाला, सीवान धर्मशाला, नथमल धर्मशाला, असम धर्मशाला, बोलबम सेवा समिति दलसिंहसराय, नि:शुल्क पूर्णिया सेवा शिविर, परमार्थ सेवा शिविर, जोगबनी विराटनगर सेवा शिविर, व्याहुत-कलवार सेवा शिविर पाकुड़ और कटिहार कैंप सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की सेवा की व्यवस्था की गई है.

इन शिविरों में बड़ी संख्या में कांवरिये रुककर विश्राम कर रहे हैं और फिर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रहे हैं.

Shravani Mela 2026: श्रावणी मेला में दिखा आस्था और सेवा का संगम

कटोरिया से गुजरने वाला कांवरिया पथ बुधवार को यह संदेश देता नजर आया कि मौसम चाहे जैसा भी हो, आस्था के मार्ग पर चलने वालों के कदम नहीं रुकते.

बारिश, कीचड़ और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद शिवभक्तों का उत्साह लगातार बना रहा और पूरा मार्ग ‘बोलबम’ के जयघोष से गूंजता रहा.

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लेखक के बारे में

By दीपक चौधरी

दीपक चौधरी प्रिंट माध्यम में 23 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कटोरिया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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