धोरैया (बांका). प्रखंड अंतर्गत डेरु शिव मंदिर के प्रांगण में शिव शिष्य परिवार के द्वारा मासिक शिव परिचर्चा का आयोजन किया गया. इस बैठक में धोरैया प्रखंड के गुरु भाई-बहन उपस्थित रहे. इस कालखंड के प्रथम शिव शिष्य साहब श्री हरीनद्रानंद जी पूरे संसार को शिव के गुरु स्वरूप का जुड़ाव का संदेश दिया. महादेव को 1008 नाम से जाने जाते हैं. महादेव के एक स्वरूप जगत के गुरु भी है, यानी शिव जगतगुरु भी हैं. आज तक चारों युग में किसी ने नहीं बताया कि शिव गुरु है शिव को गुरु बनाया जाए.
हरिनद्रानंद जी ने सबों को शिव से जोड़ने का किया काम
हरिनद्रानंद जी ने सबों को शिव से जोड़ने का काम किया. मात्रा दया, चर्चा, नमन से शिव आपके हो सकते हैं. इस परिचर्चा में 27 जुलाई को दीदी नीलम आनंद जी के जन्मोत्सव को वृक्षारोपण का पूरे प्रखंड के शिव शिष्यों के द्वारा किया जाए. कहा गया कि सांस हो रही है कम, आओ वृक्ष लगाए हम. यह सिर्फ नारा नहीं यह जगत के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन की सीख है, जो आने वाले पीढ़ी के लिए जीवन बनेगी. प्रकृति है तो जीवन है, प्रकृति से ही सब है. प्रकृति का संरक्षण और बचाव करना संस्कृति के कर्तव्य हैं. इसे ईमानदारी से निभाना होगा.
अलग-अलग गांवों से आये श्रालु
इस कार्यक्रम में प्रखंड के गांव- गांव से आए सागर कुमार, गंगोत्री देवी, मीना देवी, विनती देवी, लाखों देवी, वंदना देवी, सृक्षा देवी, गायत्री देवी, रेणु देवी, अशोक रजक आदि उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव शिष्य परिवार बांका के जिलाध्यक्ष सीताराम सिंह ने की.
