बदलते मौसम का असर : सदर अस्पताल बांका की ओपीडी में पहुंच रहे रोज सर्दी, खांसी व तेज बुखार के मरीज

Banka Health Alert : मानसून की देरी ने बांका में उमस भरी गर्मी बढ़ा दी है, जिससे लोग परेशान हैं. सदर अस्पताल में प्रतिदिन 650-700 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं, जिनमें से आधे मौसमी बीमारियों से पीड़ित हैं. डॉक्टर्स ने सावधानी बरतने की अपील की है.

Banka Health Alert : मानसून की धीमी रफ्तार के कारण जिले में उमस भरी गर्मी बनी हुई है. दिन में तेज धूप और हवा में नमी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी का असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार प्रतिदिन 650 से 700 मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंच रहे हैं. इनमें करीब 50 प्रतिशत मरीज सर्दी, खांसी, तेज बुखार, कमजोरी, पेट दर्द और कोल्ड डायरिया जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मरीजों के उपचार के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं.

17 चिकित्सकों की तैनाती, दो महिला डॉक्टर भी दे रहीं सेवाएं

सदर अस्पताल में सोमवार को दो महिला चिकित्सकों सहित कुल 17 डॉक्टर विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं देते रहे. ओपीडी की पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित हुई. मेडिसिन विभाग में डॉ. सुनील कुमार चौधरी और डॉ. दिलीप कुमार ने मरीजों का इलाज किया, जबकि महिला ओपीडी में डॉ. मलकाय नायाब जहां और डॉ. अस्फिया फातमा मौजूद रहीं. सर्जरी विभाग में डॉ. अहमद रजा और डॉ. सूरज कुमार, हड्डी एवं इमरजेंसी सेवा में डॉ. दिनेश कुमार तथा शिशु रोग विभाग में डॉ. दिनेश कुमार और डॉ. बालकिशोर चौधरी मरीजों का उपचार करते रहे.

इमरजेंसी और एसएनसीयू में चौबीसों घंटे व्यवस्था

अस्पताल की इमरजेंसी सेवा तीन पालियों में संचालित की जा रही है. पहली पाली में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ. अपूर्व कुमार तैनात रहे, जबकि दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक डॉ. प्रमोद कुमार मरीजों की देखभाल करेंगे. एसएनसीयू में भी नवजात और बच्चों के इलाज के लिए दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है. सुबह की पाली में डॉ. दिनेश कुमार और दूसरी पाली में डॉ. बालकिशोर चौधरी अपनी सेवाएं देंगे.

डॉक्टरों की सलाह, लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

चिकित्सकों ने लोगों से बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. पर्याप्त पानी पीने, साफ-सुथरा और ताजा भोजन करने, बारिश और धूप के बीच बार-बार होने वाले तापमान परिवर्तन से बचने तथा बुखार, लगातार खांसी, पेट दर्द या डायरिया होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी गई है. समय पर इलाज और सतर्कता से मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मदन कुमार

मदन कुमार प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >