प्रभात इंपैक्ट : स्कूल गेट पर कूड़े और कीचड़ का अंबार हटना शुरू, रास्ते में डाली जा रही सूखी मिट्टी

बाराहाट स्कूल के मुख्य गेट पर कचरे और कीचड़ की बदहाली की खबर प्रकाशित होने के बाद आखिरकार जिम्मेदारों की नींद खुल गई. आनन-फानन में सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है. बच्चों को तत्काल राहत मिली है, लेकिन स्थायी समाधान की मांग जारी है.

बाराहाट स्कूल के मुख्य गेट पर कूड़े का अंबार, चारों तरफ फैला कीचड़ और उसी गंदे रास्ते से गुजरते नौनिहाल. छट्ठू साह मध्य विद्यालय की इस बदहाल तस्वीर को लेकर प्रकाशित खबर के बाद आखिरकार जिम्मेदारों की नींद खुल गयी. खबर प्रकाशित होते ही विद्यालय प्रबंधन हरकत में आया और मुख्य गेट के आसपास जमा कचरे और कीचड़ को हटाने का काम शुरू करा दिया गया. मजदूरों को लगाकर परिसर के प्रवेश मार्ग की सफाई करायी जा रही है. वहीं, कीचड़ से तत्काल राहत दिलाने के लिए गेट के आसपास सूखी मिट्टी डालकर रास्ते को दुरुस्त करने की कोशिश भी शुरू कर दी गयी है.

खबर छपी तो शुरू हुई सफाई

जिस समस्या पर लंबे समय से किसी का ध्यान नहीं जा रहा था, वह खबर प्रकाशित होने के बाद अचानक जिम्मेदारों की प्राथमिकता में आ गयी. विद्यालय के मुख्य गेट के आसपास काफी दिनों से कचरा और कीचड़ जमा था. बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो गयी थी. छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को रोजाना गंदगी और कीचड़ के बीच से होकर विद्यालय में प्रवेश करना पड़ रहा था.

खबर प्रकाशित होने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया और मजदूरों को लगाकर सफाई कार्य शुरू कराया. कचरा हटाने के साथ ही रास्ते को चलने लायक बनाने की कवायद भी शुरू कर दी गयी.

नौनिहालों को मिली तत्काल राहत

सफाई और रास्ते को दुरुस्त करने का काम शुरू होने से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है. स्थानीय लोगों ने भी कार्रवाई शुरू होने पर संतोष जताया है. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को रोजाना गंदगी और कीचड़ के बीच से विद्यालय जाना पड़ रहा था. अब कम से कम तत्काल तौर पर उन्हें परेशानी से राहत मिलेगी.

स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों ने समस्या को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रभात खबर की पहल की सराहना की. ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों की परेशानी को आवाज मिलने के बाद ही जिम्मेदारों ने कार्रवाई शुरू की.

मिट्टी डालना स्थायी समाधान नहीं

हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर सूखी मिट्टी डालने से समस्या का केवल तत्काल समाधान होगा. बारिश होते ही यदि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई, तो फिर से कीचड़ और गंदगी जमा हो सकती है. स्कूल गेट के आसपास जलनिकासी की समुचित व्यवस्था और नियमित साफ-सफाई की जरूरत है.

अब स्थायी समाधान का इंतजार

ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय के मुख्य गेट के आसपास जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त करायी जाए और नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए. इससे बारिश के दौरान जलजमाव और कीचड़ की समस्या दोबारा नहीं होगी.

फिलहाल खबर के बाद शुरू हुई कार्रवाई से विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को राहत मिली है. लेकिन अब निगाह इस बात पर है कि जिम्मेदारों की यह सक्रियता सिर्फ तत्काल सफाई तक सीमित रहती है या विद्यालय के मुख्य प्रवेश मार्ग की समस्या का स्थायी समाधान भी किया जाता है.

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लेखक के बारे में

By अजय कुमार झा

अजय कुमार झा प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बाराहाट (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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