अगर आप या आपके परिजन आज बांका सदर अस्पताल जाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. शनिवार को अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों की सुविधा के लिए नया रोस्टर जारी कर दिया है, जिसमें 17 से अधिक डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है.
हालांकि, मरीजों को यह ध्यान रखना होगा कि आज अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड सेंटर और ईएनटी (ENT) ओपीडी पूरी तरह से बंद रहेंगे. राहत की बात यह है कि प्रसव पीड़िताओं (गर्भवती महिलाओं) के लिए रात के समय ऑनकॉल महिला चिकित्सक (लेडी डॉक्टर) की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सकेगा.
इमरजेंसी, SNCU और महिला डॉक्टर: 24 घंटे चलेगी 3 पालियों में ड्यूटी
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इमरजेंसी, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (SNCU) और प्रसूति विभाग 24 घंटे संचालित रहेगा, जिसे तीन अलग-अलग शिफ्टों में बांटा गया है:
- प्रथम पाली (सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक):
इमरजेंसी: डॉ. दिनकर झा | SNCU: डॉ. पंकज कुमार गुप्ता | महिला चिकित्सक: डॉ. अनीता अरुण
- दूसरी पाली (दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक):
इमरजेंसी: डॉ. उस्मान गनी | SNCU: डॉ. जितेंद्र कुमार | महिला चिकित्सक: डॉ. अनीता अरुण
- तीसरी पाली/नाइट शिफ्ट (रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक):
इमरजेंसी: डॉ. दिलीप कुमार | SNCU: डॉ. कुमार अमिश | महिला चिकित्सक: डॉ. रश्मि सीमा (ऑनकॉल ड्यूटी)
ओपीडी (OPD) परामर्श का समय (दो शिफ्ट में होगा इलाज)
- पहली पाली: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक
- दूसरी पाली: दोपहर 4:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
आज कौन से डॉक्टर किस विभाग में बैठेंगे? देखें पूरी लिस्ट:
| विभाग (Department) | डॉक्टर का नाम (Doctor on Duty) |
| मेडिकल ओपीडी (General Medicine) | डॉ. अमल आनंद |
| गायनी ओपीडी (स्त्री एवं प्रसूति रोग) | डॉ. रश्मि सीमा, डॉ. ममता कुमारी, डॉ. माहे कायनात |
| सर्जरी एवं ऑर्थो ओपीडी (हड्डी रोग) | डॉ. अपूर्वा कुमार, डॉ. संजय कुमार सुमन |
| पीडिया ओपीडी (शिशु रोग) | डॉ. पंकज कुमार गुप्ता |
| आई ओपीडी (नेत्र रोग) | गुंजन कुमार, उमेश कुमार, अंकित कुमार |
| डेंटल ओपीडी (दंत रोग) | डॉ. मनोज कुमार |
| फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) | डॉ. मणिशंकर, डॉ. वकार मुस्तफा |
| ईएनटी (ENT - कान, नाक, गला) | (आज ओपीडी बंद रहेगा) |
(नोट: मरीजों से अपील है कि वे समय से अस्पताल पहुंचकर अपना निबंधन करा लें, ताकि उन्हें इलाज में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.)
