बांका : प्रखंड में जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं. प्रखंड मुख्यालय स्थित राज्य खाद्य निगम के गोदाम से हर माह करीब 6,000 क्विंटल गेहूं और चावल पीडीएस दुकानों को उपलब्ध कराया जाता है. वहीं, कई डीलरों ने बोरियों में निर्धारित मात्रा से 4 से 5 किलो तक अनाज कम मिलने की शिकायत की है. हालांकि, इन शिकायतों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
6,000 क्विंटल अनाज की होती है आपूर्ति
प्रखंड आपूर्ति कार्यालय के अनुसार, पहले 79 पीडीएस दुकानें संचालित थीं, जबकि वर्तमान में 66 दुकानें कार्यरत हैं. इन दुकानों के लिए हर माह करीब छह हजार क्विंटल खाद्यान्न का आवंटन किया जाता है. ऐसे में बोरियों में कथित कमी की शिकायत को गंभीरता से लेने की जरूरत है.
चार किलो कमी हुई तो 480 क्विंटल तक पहुंच सकता है आंकड़ा
उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यदि प्रति बोरी औसतन चार किलो की कमी की शिकायत सही पाई जाती है, तो कुल कमी करीब 480 क्विंटल तक पहुंच सकती है. पांच किलो की कमी होने पर यह आंकड़ा करीब 600 क्विंटल हो सकता है. हालांकि, यह केवल शिकायतों के आधार पर किया गया अनुमान है और वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
डीलरों का दावा, कम अनाज मिलने से बढ़ी परेशानी
कुछ पीडीएस दुकानदारों का कहना है कि गोदाम से ही कम मात्रा में खाद्यान्न मिलने के कारण उन्हें लाभुकों को निर्धारित मात्रा देने में परेशानी होती है. वहीं, लाभुकों को भी कम राशन मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं. यदि आपूर्ति श्रृंखला में कहीं भी अनाज की कमी होती है, तो इसका सीधा असर राशन पर निर्भर गरीब परिवारों पर पड़ता है.
नाप-तौल की व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
गोदाम से बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की आपूर्ति के बीच सही नाप-तौल और रिकॉर्ड मिलान बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में आवंटन, गोदाम से उठाव, परिवहन और पीडीएस दुकानों तक पहुंचने वाले अनाज की मात्रा का मिलान कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सकती है.
अधिकारी ने कहा- नाप-तौल के बाद ही भेजा जाता है अनाज
बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक फरहान ने बताया कि प्रखंड स्तरीय गोदाम में अनाज की नाप-तौल की समुचित व्यवस्था है. संबंधित गोदाम प्रबंधक को नाप-तौल के बाद ही पीडीएस दुकानदारों को खाद्यान्न भेजने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि यदि बगैर नाप-तौल अनाज भेजे जाने की जानकारी मिलती है, तो जांच के बाद संबंधित प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
नोट: डीलरों द्वारा लगाए गए कमी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. इसलिए खाद्यान्न की वास्तविक कमी और किसी संभावित अनियमितता की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
