फुल्लीडुमर में पानी के लिए मचा हाहाकार, चापाकलों की मरम्मत नहीं

भीषण गर्मी के बीच प्रखंड की लगभग सभी पंचायतों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है

फुल्लीडुमर.

भीषण गर्मी के बीच प्रखंड की लगभग सभी पंचायतों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. यहां के 11 पंचायतों में दर्जनों सरकारी चापाकल खराब पड़े हुये है, खराब सभी चापाकलों को मरम्मत की दरकार है. मालूम हो कि गत पंचायत समिति की बैठक में सदस्यों ने क्षेत्र में खराब पड़े चापाकलों की शीध्र मरम्मति कराने की बात सदन में रखा था. लेकिन विभाग के कनीय अभियंता का तबादला हो जाने से स्थति जस का तस बना रहा. विगत माह पूर्व नये कनीय अभियंता के रुप में रामचरित्र मंडल ने अपना योगदान दिया है. कनीय अभियंता ने बताया कि पीएचईडी विभाग से खराब पड़े चापाकल को ठीक करने के लिए टेंडर निकाला जाता है. जिसके बाद कार्यकारी एजेंसी के द्वारा खराब पड़े चापाकलों को ठीक करायी जाती है. कार्यकारी एजेंसी के संवेदक बांका विजयनगर निवासी बब्बू झा के द्वारा प्राइवेट मिस्त्री से यहां के खराब पड़े चापाकल को मरम्मत कराया जा रहा है. इनके द्वारा अब तक करीब 125 चापाकलों को मरम्मत किया जा चुका है. वहीं पीएचईडी के द्वारा विभिन्न जगहों पर बनाये गये जलमीनार भी शोभा की वस्तु बनी हुई है. इस मामले में कनीय अभियंता ने बताया कि खराब पड़े जलमीनार को ठीक कराया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने बीडीओ को लिखित आवेदन देकर खराब पड़े चापाकलों की शीध्र मरम्मत कराने की मांग की है. बीडीओ ने बताया कि मामले की जानकारी पीएचईडी विभाग को दे दी गयी है. जल्द ही खराब चापाकलों व जलमीनार को ठीक कराते हुये आमजनों को पेयजल उपलब्ध करा दी जायेगी.

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By SHUBHASH BAIDYA

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