राज्य मुख्यालय के निर्देश पर पुराने डीड को विनिष्ट करने की तैयारी शुरु
नवनीत, बांका. जिला में पुराने रजिस्टर डीड सहित अन्य दस्तावेज को विनिष्ट करने की कार्रवाई जल्द ही शुरु की जा सकती है. ऐसे आवेदक जो अपना रजिस्टर डीड प्राप्त नहीं किये हैं, वे जल्द निबंधन कार्यालय से संपर्क कर अपना डीड यानी दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, निबंधन कार्यालयों में लंबे समय से पड़े अदावाकृत यानी (बिना दावे का) दस्तावेजों के निस्तारण को लेकर बड़ा कदम उठाया जा रहा है. इस संबंध में राज्य मुख्यालय से पत्र जारी करते हुए सभी अवर निबंधक को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. विभागीय जानकारी के मुताबिक, रजिस्ट्रीकरण अधिनियम व नियमावली के अंतर्गत निर्दिष्ट बेदावी दस्तावेजों एवं अभिलेखों के विनिष्टीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है जो लंबे समय से बाधित है. इससे अभिलेखों का अनावश्यक बोझ बढ़ता जा रहा है और कार्यालयों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है.कानूनी प्रावधानों के अनुसार, निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा 85 के तहत ऐसे दस्तावेज, जो दो वर्षों से अधिक समय तक निबंधन कार्यालय में अनक्लेम्ड पड़े हों (वसीयत को छोड़कर), उन्हें नष्ट किया जायेगा. इसी तरह निबंधन नियमावली में भी स्पष्ट किया गया है कि दो वर्ष से अधिक समय से पड़े रजिस्ट्रीकृत या अस्वीकृत दस्तावेजों को निबंधन महानिरीक्षक की अनुमति से नष्ट किया जायेगा. हालांकि, नियमों में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई दस्तावेज सरकारी प्राधिकरण से संबंधित है, तो उसे नष्ट करने के बजाय संबंधित विभाग या कार्यालय को भेजा जा सकता है. वहीं, एक अन्य नियम के तहत वसीयत से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट नहीं किया जायेगा, बल्कि सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जायेगा. बताया गया है कि हर वर्ष जनवरी माह में पुराने अभिलेखों और अदावाकृत दस्तावेजों की सूची तैयार कर निबंधन महानिरीक्षक को अनुमोदन के लिए भेजना अनिवार्य है.
