बांका में मौसम का बड़ा उलटफेर: मानसून पड़ा धीमा, लेकिन तेज हवा और वज्रपात का 'येलो अलर्ट'

बांका जिले में मानसून की रफ्तार कम होने के बावजूद मौसम विभाग ने तेज हवाओं और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का येलो अलर्ट जारी किया है. अगले 48 घंटों में बारिश की तीव्रता बढ़ने और तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि की संभावना है.

बांका जिले में मानसून की रफ्तार पर भले ही ब्रेक लगा हो, लेकिन मौसम विभाग की ताजा चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है. जिले में भारी बारिश का सिलसिला फिलहाल रुकने के बाद भी तेज सतही हवाओं और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का गंभीर खतरा मंडरा रहा है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने बांका सहित दक्षिण-पूर्वी बिहार के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

धूप-छांव के बीच सताएगी उमस, 2 डिग्री चढ़ेगा पारा

शनिवार को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है:

  • तापमान: अधिकतम तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी के संकेत हैं. दिन का अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 26°C के आसपास दर्ज किया गया है.
  • हवा और उमस: दक्षिण-पूर्वी दिशा से 11 से 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. सुबह और रात के वक्त आर्द्रता (Humidity) 85% तक पहुंचेगी, जिससे भीषण उमस का अहसास होगा, जबकि दोपहर में यह घटकर 62 से 70% के बीच रहेगी.

अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान: 13 सितंबर को तेज बारिश के आसार

बीएयू सबौर और मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा:

  • 12 सितंबर (शनिवार): जिले में लगभग 10.10 मिमी बारिश और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.
  • 13 सितंबर (रविवार): बारिश की तीव्रता बढ़ेगी और करीब 20.2 मिमी वर्षा का अनुमान है. इस दौरान तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी.
  • तापमान का रुख: अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान 32 से 33°C और न्यूनतम पारा 27 से 28°C के बीच झूलता रहेगा.

वज्रपात से बचाव: मौसम विभाग की सख्त एडवाइजरी

बिजली गिरने की घटनाओं से जानमाल की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:

  • खुले में न रहें: आसमान में गड़गड़ाहट होते ही खुले मैदानों, बड़े पेड़ों, तालाब-पोखरों और बिजली के खंभों से तुरंत दूर हो जाएं.
  • सुरक्षित ठिकाना: खराब मौसम के दौरान पक्के मकानों या सुरक्षित ढांचों में ही शरण लें.
  • किसानों के लिए सलाह: खेतों में काम कर रहे किसान मौसम के मिजाज को देखकर ही निकौनी या दवा छिड़काव का काम करें और गरज-चमक शुरू होते ही तुरंत घर लौट आएं.

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लेखक के बारे में

By सुभाष वैद्य

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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