बौंसी (बांका). बौंसी प्रखंड में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने के उद्देश्य से मिशन निपुण बिहार (पीयर लर्निंग) के तहत आज से दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इंवॉल्व लर्निंग फाउंडेशन, बांका के जिला प्रतिनिधि कविता मुंडा और राहत इकबाल के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम दो पालियों में निर्धारित है. प्रखंड के कुल 16 सीआरसी के नामित शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम होना है. पहले दिन 8 सीआरसी के नामित शिक्षकों का प्रशिक्षण दो पालियों में किया गया. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बीआरसी, बौंसी परिसर में संपन्न होगा, जिसमें प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों से चयनित मेंटर शिक्षक एवं संबंधित सीआरसी समन्वयक भाग लेंगे.
विद्यालय से एक शिक्षक या शिक्षिका को चुनने का दिया निर्देश
प्रभारी बीईओ कुमार गौरव द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सभी प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को अपने-अपने विद्यालय से एक सक्रिय, अनुभवी और दक्ष शिक्षक अथवा शिक्षिका को मेंटर शिक्षक के रूप में नामित कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है. इसके साथ ही संबंधित सीआरसी के सभी नामित मेंटर शिक्षक-शिक्षिकाओं और सीआरसी समन्वयकों की उपस्थिति भी अनिवार्य रखी गई है. उन्मुखीकरण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में पीयर लर्निंग की अवधारणा को प्रभावी ढंग से लागू करना, शिक्षकों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान बढ़ाना तथा बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता (एफएलएन) को मजबूत करना है.
सीखने के बेहतर तरीकों की दी जायेगी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान मेंटर शिक्षकों को नवीन शिक्षण तकनीकों, गतिविधि आधारित शिक्षण, कक्षा प्रबंधन और सीखने के बेहतर तरीकों की जानकारी दी जायेगी. शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रशिक्षित मेंटर शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में अन्य शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे, जिससे मिशन निपुण बिहार के लक्ष्य को गति मिलेगी और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा. यह पहल प्रखंड में गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
