जुलाई में बांका के प्राइवेट स्कूलों की होगी बड़ी जांच, आरटीई से लेकर फीस पर रहेगी प्रशासन की पैनी नजर
Banka News : निजी स्कूलों में मनमानी फीस, री-एडमिशन शुल्क और आरटीई नियमों के पालन को लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है. भागलपुर प्रमंडल के निर्देश पर पूरे जुलाई माह विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा, सुरक्षा, सुविधाओं और बच्चों के अधिकारों से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल होगी.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Banka News : भागलपुर कमिश्नर के आदेश पर कटोरिया प्रखंड के सभी रजिस्टर्ड प्राइवेट स्कूलों का एक जुलाई से 31 जुलाई तक सघन निरीक्षण किया जाएगा. जांच अभियान के दौरान स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था, आधारभूत सुविधाएं, शिक्षकों की उपलब्धता, फीस संरचना और राइट टू एजुकेशन (आरटीई) कानून के अनुपालन की विशेष रूप से जांच होगी. प्रशासन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
पूरे जुलाई माह चलेगा महाजांच अभियान
भागलपुर कमिश्नर के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग और प्रखंड प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों की जांच की तैयारी शुरू कर दी है. आगामी एक जुलाई से 31 जुलाई तक चलने वाले इस विशेष अभियान में प्रखंड के सभी रजिस्टर्ड निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा. अधिकारियों की टीम स्कूलों में उपलब्ध शैक्षणिक और भौतिक संसाधनों का मूल्यांकन करेगी. इसके अलावा विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी जांच होगी. प्रशासन का मानना है कि नियमित निगरानी से शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा और अभिभावकों की शिकायतों का समाधान हो सकेगा.
आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटों की होगी पड़ताल
बीडीओ देवाशीष कुमार और बीईओ मनोज मिश्र ने बताया कि जांच अभियान का मुख्य फोकस राइट टू एजुकेशन (आरटीई) योजना रहेगा. इस योजना के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखना अनिवार्य है. निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि स्कूल इस प्रावधान का पालन कर रहे हैं या नहीं. साथ ही पात्र बच्चों को नि:शुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है अथवा नहीं. किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
कटोरिया के 19 रजिस्टर्ड स्कूल जांच के दायरे में
शिक्षा विभाग के अनुसार कटोरिया प्रखंड में कुल 19 निजी विद्यालय रजिस्टर्ड हैं. जुलाई माह में सभी स्कूलों का चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण किया जाएगा. जांच टीम स्कूलों की आधारभूत संरचना, शिक्षकों की संख्या, शैक्षणिक गुणवत्ता, नामांकन प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का आकलन करेगी. इसके अलावा अभिलेखों की भी जांच होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विद्यालय शिक्षा विभाग के निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मनमानी फीस और री-एडमिशन शुल्क पर रहेगी नजर
प्रशासन का मानना है कि कई निजी विद्यालयों में मनमाने ढंग से फीस वृद्धि, री-एडमिशन शुल्क वसूली और हर वर्ष नई किताबें खरीदने की बाध्यता जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए जांच अभियान में फीस संरचना और अन्य वित्तीय पहलुओं की भी समीक्षा की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनने दिया जाएगा और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने वाले स्कूलों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इस अभियान से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.