कटोरिया (बांका). सोमवार की शाम करीब चार बजे बारिश के दौरान अचानक हुए वज्रपात से कटोरिया क्षेत्र में अफरातफरी मच गई. कटोरिया-बेलौनी बहियार में एक दुधारू गाय की मौत हो गई, जबकि नौवाडीह गांव में महुआ के पेड़ के नीचे बारिश से बचने के लिए खड़े 20 वर्षीय युवक पर बिजली गिर गई. हादसे में युवक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा. उसे तत्काल कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया.
बेलौनी बहियार में चर रही थी गाय
प्राप्त जानकारी के अनुसार कटोरिया-बेलौनी बहियार में तेलंगवा गांव निवासी पप्पू यादव की दुधारू गाय चर रही थी. इसी दौरान वज्रपात की चपेट में आने से गाय की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद पशुपालक के परिवार में मायूसी छा गई. पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि मंडली यादव ने अंचलाधिकारी से पीड़ित पशुपालक को सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है.
नौवाडीह में युवक पर गिरी बिजली
भोरसार-भेलवा पंचायत के नौवाडीह गांव में बारिश से बचने के लिए धनंजय यादव के 20 वर्षीय पुत्र रवींद्र कुमार महुआ के पेड़ के नीचे खड़े थे. इसी दौरान अचानक वज्रपात हुआ और रवींद्र कुमार बिजली की चपेट में आकर झुलस गए.
वज्रपात के बाद वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े. परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल कटोरिया सीएचसी पहुंचाया, जहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने प्राथमिक उपचार किया.
चार दुधारू गायों की भी मौत
नौवाडीह गांव में हुए वज्रपात की घटना में चार दुधारू गायों की भी मौत हो गई. इनमें दो गाय धनंजय यादव की बताई गई हैं. एक ही घटना में चार पशुओं की मौत से पशुपालक परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है.
एक शाम में दो घटनाओं से दहशत
कटोरिया क्षेत्र में एक ही शाम वज्रपात की दो घटनाओं से किसान और पशुपालकों के बीच दहशत का माहौल बन गया. बारिश के दौरान ग्रामीणों ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.
बारिश और मेघ गर्जन में सावधानी की अपील
ग्रामीणों ने लोगों से अपील की कि बारिश और मेघ गर्जन के दौरान खुले मैदान में न रहें. पेड़ के नीचे शरण लेने तथा बिजली के खंभों या अन्य खुले विद्युत ढांचे के आसपास खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है.
पशुपालकों ने मुआवजे की मांग की
वज्रपात में दुधारू गायों की मौत से प्रभावित पशुपालकों ने प्रशासन से सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पशुधन के नुकसान से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत मिलनी चाहिए.