कटोरिया (बांका). कटोरिया प्रखंड के राधानगर बाजार निवासी एवं उर्दू प्राथमिक विद्यालय बिदायडीह, बांका की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय रहा. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित खुशबू कुमारी ने शुक्रवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की. शिक्षक दिवस से एक दिन पहले प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित शिक्षकों से मुलाकात कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पित प्रयासों और योगदान की सराहना की.
प्रधानमंत्री से मुलाकात को बताया गौरवपूर्ण और भावुक क्षण
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद प्रभात खबर से बातचीत में शिक्षिका खुशबू कुमारी ने कहा कि यह उनके शिक्षक जीवन का भावुक, गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण था. उन्होंने कहा कि वर्षों की मेहनत, बच्चों का स्नेह और अपनों का विश्वास एक साथ आंखों के सामने साकार होता महसूस हुआ. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पल को शब्दों में बयां करना उनके लिए संभव नहीं है. प्रधानमंत्री से मुलाकात उनके जीवन की सबसे अनमोल स्मृतियों में से एक रहेगी.
नई प्रेरणा और ऊर्जा के साथ बेहतर कार्य करने का संकल्प
खुशबू कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री से मुलाकात उनके लिए महज सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि नई प्रेरणा और नई ऊर्जा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के संकल्प की शुरुआत है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सामने से जानने, उनकी सोच और व्यक्तित्व को समझने का अवसर मिला. मुलाकात के दौरान प्राप्त अनुभवों को वह अपने विद्यालय और बच्चों के हित में लागू करने का प्रयास करेंगी.
बच्चों के भविष्य को संवारना सबसे बड़ा लक्ष्य
प्रधान शिक्षिका ने कहा कि प्रधानमंत्री ने शिक्षकों के लिए अपना बहुमूल्य समय निकालकर उनके सम्मान को और बढ़ाया है. उनसे मुलाकात के बाद वह खुद को बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुलाकात से उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिली है. उनका प्रयास रहेगा कि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जाए.
बच्चों का भविष्य मजबूत होगा तो देश भी मजबूत होगा
खुशबू कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्राप्त अनुभवों को शिक्षा के क्षेत्र में लागू कर बच्चों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने का प्रयास करेंगी. उनका लक्ष्य बच्चों को सिर्फ किताबी शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें इस तरह तैयार करना है कि वे आगे चलकर देश के विकास में बेहतर योगदान दे सकें.
उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित और मजबूत होगा, तभी देश का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा. इसी सोच के साथ वह अपने विद्यालय में बच्चों के लिए लगातार बेहतर करने का प्रयास करेंगी.
राधानगर से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार तक का सफर
राधानगर बाजार जैसे छोटे कस्बाई क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित होना खुशबू कुमारी की वर्षों की मेहनत, समर्पण और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है. राष्ट्रीय स्तर पर चयन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने इस उपलब्धि को और खास बना दिया है. प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद अब खुशबू कुमारी अपने अनुभवों और नई ऊर्जा के साथ विद्यालय लौटकर बच्चों के लिए और बेहतर कार्य करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगी.
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