Kasba Radha Krishna Jhulanotsav: शंभुगंज प्रखंड के कसबा स्थित ऐतिहासिक राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी में सोमवार से पांच दिवसीय झूलनोत्सव शुरू होगा. 184 साल पुरानी परंपरा से जुड़े इस धार्मिक आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. झूलनोत्सव की शुरुआत के साथ ही ठाकुरबाड़ी और आसपास का क्षेत्र भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से भक्तिमय हो जायेगा.
श्रावण मास में आयोजित होने वाले इस उत्सव का स्थानीय श्रद्धालुओं को हर वर्ष बेसब्री से इंतजार रहता है. सोमवार से भगवान राधा-कृष्ण को आकर्षक वस्त्रों से सजाकर फूलों से सुसज्जित झूले पर विराजमान कराया जायेगा. इसके बाद श्रद्धालु झूलन दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे.
184 साल पहले हुई थी ठाकुरबाड़ी की स्थापना
मंदिर के पुजारी पंडित श्री श्याम सुंदर झा के अनुसार, कसबा की इस ऐतिहासिक राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी की स्थापना वर्ष 1840 ई. में हुई थी. स्थापना काल से ही यहां श्रावण मास की एकादशी से पूर्णिमा तक झूलनोत्सव आयोजित करने की परंपरा चली आ रही है.
समय के साथ आसपास के क्षेत्र में कई बदलाव हुए, लेकिन ठाकुरबाड़ी से जुड़ी यह धार्मिक परंपरा आज भी कायम है. स्थानीय लोगों के लिए यह आयोजन केवल पूजा-पाठ का अवसर नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़ने का मौका भी है.
फूलों से सजे झूले पर विराजेंगे राधा-कृष्ण
झूलनोत्सव के दौरान भगवान राधा-कृष्ण को विशेष रूप से सजाया जायेगा. नए और आकर्षक वस्त्रों के साथ फूलों से सुसज्जित झूले पर भगवान को विराजमान कराया जायेगा.
श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान के झूलन दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना करेंगे. मान्यता और आस्था से जुड़े इस आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है.
पांच दिनों तक गूंजेंगे भजन-कीर्तन
झूलनोत्सव के पांचों दिनों में मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. ग्रामीणों की ओर से भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन किये जाने की तैयारी है.
शाम के समय ठाकुरबाड़ी में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है. भजन और कीर्तन के बीच राधा-कृष्ण के दर्शन का माहौल पूरे क्षेत्र को धार्मिक रंग में रंग देगा.
स्थानीय लोगों में भी उत्साह
झूलनोत्सव को लेकर कसबा और आसपास के गांवों के लोगों में खासा उत्साह है. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल पहले से बढ़ गयी है. आयोजन को लेकर स्थानीय लोग भी अपने स्तर से तैयारियों में जुटे हैं.
पुरानी परंपरा से जुड़े इस आयोजन में नई पीढ़ी की भागीदारी भी स्थानीय लोगों के लिए खास महत्व रखती है. पांच दिनों तक चलने वाला उत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगा.
Kasba Radha Krishna Jhulanotsav: श्रद्धालुओं की बढ़ेगी चहल-पहल
सोमवार से शुरू होने वाले झूलनोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में विशेष माहौल बनने की उम्मीद है. आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. स्थानीय स्तर पर भीड़ और पूजा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं.
कसबा की राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी में एक बार फिर 184 साल पुरानी परंपरा के बीच झूलनोत्सव की शुरुआत होगी और पांच दिनों तक श्रद्धालु राधा-कृष्ण के झूलन दर्शन के साथ भक्ति के रंग में सराबोर होंगे.
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