जलजमाव से बेहाल बांका का करहरिया गांव, सड़क से घर तक भरा नाले का पानी, ग्रामीणों में आक्रोश
Banka News : बारिश शुरू होते ही करहरिया गांव के लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं. गांव की सड़कों पर फैला गंदा पानी अब घरों तक पहुंचने लगा है. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी जलजमाव से होकर गुजरना पड़ रहा है. कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट
Banka News : करहरिया गांव में जलजमाव की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार गांव के नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण अधिकांश नाले पूरी तरह जाम हो चुके हैं. नतीजतन घरों से निकलने वाला गंदा पानी और बारिश का पानी गांव में ही जमा हो रहा है. सड़कों पर जलभराव होने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है. बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है.
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर लगाया अनदेखी का आरोप
ग्रामीण मो. खलील, मो. तौसीफ समेत अन्य लोगों ने बताया कि जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार पंचायत और प्रखंड प्रशासन से शिकायत की गई है. इसके लिए प्रखंड कार्यालय में आवेदन भी दिया गया, लेकिन आज तक समस्या के समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के मुखिया मो. जहांगीर द्वारा भी नालों की सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है. परिणामस्वरूप गांव की सड़कों पर पानी जमा रहता है और बरसात के दौरान स्थिति और अधिक खराब हो जाती है. लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा, जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि जलजमाव के कारण अब गंदा पानी घरों में भी प्रवेश करने लगा है. इससे न केवल लोगों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. मच्छरों के प्रकोप और दूषित वातावरण के कारण बच्चों एवं बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है. गांववासियों ने पंचायत से लेकर प्रखंड प्रशासन तक से शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे.