Kanwariya Health Emergency : सुल्तानगंज से डाक कांवर लेकर बाबाधाम जा रहे एक शिवभक्त की रविवार देर रात विश्वकर्मानगर के समीप अचानक तबीयत बिगड़ गयी. चलते-चलते बेहोश होकर सड़क पर गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गयी. डाक बम की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय सेवा शिविर संचालक और मेडिकल टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला. बेहोश कांवरिये को तुरंत चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने CPR, ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं से उपचार शुरू किया. कुछ देर बाद शिवभक्त को होश आया, जिसके बाद बड़ी अनहोनी टल गयी.
जमुई के सोनो का रहने वाला है डाक बम
जानकारी के अनुसार डाक कांवर लेकर बाबाधाम जा रहे शिवभक्त की पहचान जमुई जिले के सोनो निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है. दीपक सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम की ओर जा रहे थे. रविवार देर रात विश्वकर्मानगर के पास अचानक चलते-चलते उनकी तबीयत बिगड़ गयी और वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े.
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गयी. लगातार पैदल यात्रा के बीच अचानक बेहोश होने से उनकी स्थिति गंभीर नजर आ रही थी.
सेवा शिविर संचालक ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल
इसी दौरान मुजफ्फरपुर सेवा शिविर के संचालक रामकृपाल चौधरी ने तत्परता दिखायी. उन्होंने स्कॉर्पियो की मदद से बेहोश डाक बम को तत्काल कंट्रोल रूम स्थित चिकित्सा केंद्र पहुंचाया.
चिकित्सा केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार और डॉ. शैलजानंद शुक्ला के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने बिना देर किये इलाज शुरू कर दिया.
CPR और ऑक्सीजन से लौटी चेतना
चिकित्सकों ने दीपक कुमार को CPR देने के साथ ऑक्सीजन और जरूरी दवाएं दीं. कुछ समय तक उपचार चलने के बाद उन्हें होश आ गया. स्थिति में सुधार होते ही चिकित्सकों और सेवा शिविर से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली.
समय पर मदद से टली बड़ी अनहोनी
डाक कांवर यात्रा के दौरान अचानक बेहोश हुए शिवभक्त को तत्काल चिकित्सा केंद्र पहुंचाना निर्णायक साबित हुआ. सेवा शिविर संचालक की तत्परता और मेडिकल टीम के तत्काल उपचार से बड़ी अनहोनी टल गयी.
घटना ने श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया पथ पर चल रहे सेवा शिविरों और चिकित्सा व्यवस्था की अहमियत को भी उजागर किया है. लंबी दूरी की पैदल यात्रा करने वाले कांवरियों के लिए रास्ते में समय पर प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन उपचार बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है.
