झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, धान की रोपनी ने पकड़ी रफ्तार

झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, धान की रोपनी ने पकड़ी रफ्तार

​पंजवारा( बांका). लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए रविवार रात से सोमवार सुबह तक हुई झमाझम बारिश किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हुई है. इस मूसलाधार बारिश ने न केवल किसानों की चिंताएं दूर कर दी हैं, बल्कि उनके चेहरों पर नई मुस्कान बिखेर दी है. ​डीजल और पंपसेट के खर्च से मिली बड़ी राहत ​बारिश न होने के कारण पिछले कई दिनों से बाराहाट और पंजवारा क्षेत्र के किसान भीषण गर्मी और धान के बिचड़ों को बचाने को लेकर काफी चिंतित थे. खेतों में नमी की कमी के कारण सिंचाई के लिए डीजल पंपसेट पर निर्भरता बढ़ गई थी, जिससे किसानों की लागत बढ़ रही थी. हालांकि, अब खेतों में पर्याप्त पानी जमा होने से सिंचाई का खर्च पूरी तरह बच गया है. ​युद्ध स्तर पर शुरू हुई रोपनी ​क्षेत्र में पर्याप्त नमी मिलते ही किसान अब पूरे उत्साह के साथ खेती के कार्यों में जुट गए हैं.सुबह होते ही ग्रामीण इलाकों में हल-बैलों और ट्रैक्टरों की गूंज सुनाई देने लगी है. खेतों की जुताई के साथ-साथ धान की रोपनी का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है. युवतियां और महिला किसान भी धान का बिचड़ा उखाड़ने और रोपाई के काम में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं. ​अच्छी पैदावार की जगी उम्मीद ​कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई इस अच्छी बारिश का सीधा सकारात्मक असर खरीफ फसलों पर पड़ेगा. धान के झुलसते बिचड़ों में इस बारिश से नई जान आ गई है, जिससे किसानों में इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है. फिलहाल पूरा इलाका खेती की गतिविधियों से गुलजार है और किसान राहत की सांस लेते हुए अपनी फसल को संवारने में लगे हैं.


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लेखक के बारे में

गौरव कश्यप प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. पंजवारा (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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