गायत्री मंत्र के महत्व, सदाचार व सामाजिक समरसता पर डाला प्रकाश

नगर क्षेत्र के सीएनडी खेल मैदान पर आयोजित चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ का समापन रविवार को पूर्णाहुति के साथ हो गया.

चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ का पूर्णाहुति के साथ हुआ समापन

बौंसी. नगर क्षेत्र के सीएनडी खेल मैदान पर आयोजित चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ का समापन रविवार को पूर्णाहुति के साथ हो गया. समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही और पूरा वातावरण वैदिक मंत्रोच्चारण से भक्तिमय बना रहा. महायज्ञ के दौरान यज्ञाचार्यों द्वारा वेद मंत्रों के साथ आहुतियां दी गयी. श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना करते हुए यज्ञ में सहभागिता की. आयोजन के दौरान प्रवचन कार्यक्रम भी आयोजित किये गये, जिसमें वक्ताओं ने गायत्री मंत्र के महत्व, सदाचार और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला. चार दिनों तक चले इस महायज्ञ में प्रातः एवं सायं यज्ञ, जप, ध्यान और संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए गये. साथ ही भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना था. कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए 51 हवन कुंडों में गायत्री परिवार से जुड़े श्रद्धालुओं ने हवन कर धर्म की रक्षा का संकल्प लिया. कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु और आयोजन समिति के सदस्य इस कार्यक्रम में शरीक रहे. बाहर से आये यज्ञाचार्य और गायत्री परिवार से जुड़े सदस्यों को विदाई दी गयी. शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न हुए इस चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ के साथ आयोजन का सफल समापन हुआ.

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By SHUBHASH BAIDYA

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