बांका में ठनका की चपेट में आने से किसान की मौत, मवेशी लेकर घर लौटने के दौरान हुआ हादसा
Banka News : बेलहर थाना क्षेत्र के गेरुआ गांव में मंगलवार की देर शाम वज्रपात की घटना में एक 65 वर्षीय किसान की मौत हो गई. मृतक की पहचान रघुनंदन यादव के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया.
बेलहर (बांका) से अभय कुमार ”सोनू” की रिपोर्ट
Banka News : थाना क्षेत्र के गेरुआ गांव निवासी रघुनंदन यादव, पिता स्वर्गीय जगदीश यादव, मंगलवार की शाम अपने मवेशियों को चराकर घर लौट रहे थे. इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में बादल छा गये. हल्की बूंदाबांदी शुरू होने के साथ ही तेज गर्जना होने लगी. ग्रामीणों के अनुसार, रघुनंदन सुरक्षित स्थान तक पहुंच पाते, उससे पहले ही वह वज्रपात की चपेट में आ गये. उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी, जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को बांका भिजवाया
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे. बहियार में पड़े किसान के शव को उठाकर घर लाया गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. देर रात आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को थाना लाया गया. पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया. ग्रामीणों ने बताया कि रघुनंदन यादव मेहनती किसान थे और खेती-किसानी के साथ पशुपालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उसकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में पसरा मातम
किसान की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक के पुत्र सोहन यादव, नीतीश कुमार और रंजीत यादव सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुत्री प्रियंका कुमारी अपने पिता की मौत की खबर सुनकर बदहवास हो गई. वहीं मृतक के भाई दोरीकी यादव और अधिक लाल यादव समेत अन्य स्वजन भी गहरे सदमे में हैं. घटना के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आपदा राहत योजना के तहत उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि इस कठिन समय में परिवार को कुछ आर्थिक सहारा मिल सके.