अमरपुर (बांका). जिले के अमरपुर प्रखंड के इंग्लिशमोड़-पुनसिया मुख्य पथ विभाग की उदासीनता का शिकार है. मुख्य पथ पर बने बड़े-बड़े गड्ढों ने वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. इस पथ से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटी व बड़ी वाहनों की आवाजाही होती है. यह पथ बिहार की सीमा को झारखंड एवं बंगाल की सीमा से जोड़ने में अपनी अहम भूमिका निभाने का कार्य कर रही है. सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण छोटी वाहनों के चालक अपनी जान हथेली पर रखकर चलने को मजबुर हो रहे हैं. मुख्य पथ के सिमरपुर, मादाचक गांव तथा जैठोर पुल के समीप सड़को की स्थिति बेहद भयावह बन चुकी है.
जैठोर पुल का कुछ हिस्सा जर्जर होने से बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक
जैठोर पुल का कुछ हिस्सा जर्जर होने की वजह से जिला प्रशासन के निर्देश पर बड़ी वाहनों की आवाजाही पर पुर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है लेकिन हजारों की संख्या में छोटी वाहनों की आवाजाही इस पथ से होती रहती है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिनों के बाद सावन माह की शुरुआत होने वाली है. सावन माह में हजारों की संख्या में शिवभक्तों की टोली सुलतानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा से जल भर कर करीब 55 किमी की पैदल दुरी तय कर इसी पथ से क्षेत्र के सुप्रसिद्ध बाबा ज्यैष्ठगौरनाथ महादेव मंदिर जलार्पण के लिए आते हैं.इन जर्जर हो चुकी सड़कों के कारण उन शिवभक्तों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
हल्की बारिश में सड़क पर बने गड्ढों में भर जाता है पानी
हल्की सी बारिश होने पर सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाता है और वाहन चालको तथा राहगीरों को गड्ढे की पता नहीं चल पाता है और वाहन चालक उन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो जाते हैं. कुछ वाहन चालकों को तो अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ गया है. बिहार के सुप्रसिद्ध श्रावणी मेला में शिवभक्तों समेत श्रद्धालुओं को जर्जर पथ की वजह से खासी परेशानियों का सामना करना पड़ जाएगा. ग्रामीणों ने पथ निर्माण विभाग के लापरवाह रवैया को लेकर ग्रामीणों कहा कि अगर अविलंब जर्जर हो चुकी सड़कों की मरम्मती नहीं कराया तो हम सभी आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे.
