अमरपुर अस्पताल गेट पर खड़ा सूखा शीशम का पेड़ बना खतरा, हर दिन हादसे के साये में गुजर रहे मरीज व राहगीर

Banka News : जहां एक ओर अस्पताल लोगों को जीवन देने का केंद्र होता है, वहीं अमरपुर रेफरल अस्पताल के मुख्य द्वार पर खड़ा एक सूखा और जर्जर शीशम का पेड़ लोगों की जान के लिए खतरा बन गया है. हर दिन सैकड़ों मरीज, उनके परिजन और दुकानदार इसी पेड़ के नीचे से गुजरते हैं, लेकिन अब तक इसे हटाने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गयी है.

अमरपुर (बांका) से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट

Banka News : रेफरल अस्पताल अमरपुर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक समीप स्थित सूखा शीशम का पेड़ इन दिनों लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. वर्षों पुराना यह विशाल पेड़ अब पूरी तरह सूख चुका है और इसकी कई शाखाएं कमजोर होकर टूटने की स्थिति में पहुंच गयी हैं. अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं, जबकि उनके परिजन और स्वास्थ्यकर्मी भी इसी रास्ते से गुजरते हैं. ऐसे में पेड़ की जर्जर स्थिति को देखते हुए लोगों के मन में लगातार भय बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तेज हवा या बारिश के दौरान यह पेड़ गिर गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.

दुकानदारों और राहगीरों में बढ़ रही चिंता

अस्पताल के मुख्य गेट के आसपास कई छोटी-बड़ी दुकानें संचालित होती हैं, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है. दुकानदारों का कहना है कि पेड़ की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई बार इसकी सूखी टहनियां टूटकर नीचे गिर चुकी हैं. हालांकि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है, लेकिन हर बार लोग बाल-बाल बचते रहे हैं. स्थानीय दुकानदार राजेश कुमार ने बताया कि यह पेड़ वर्षों से सूखा खड़ा है और लगातार खतरा पैदा कर रहा है. उनका कहना है कि मरीजों, राहगीरों और दुकानदारों की सुरक्षा को देखते हुए इसे तत्काल हटाया जाना चाहिए. लोगों का मानना है कि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है.

बरसात और आंधी के मौसम में बढ़ा जोखिम

स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात और आंधी के मौसम में खतरा और अधिक बढ़ जाता है. तेज हवाओं के दौरान पेड़ की कमजोर शाखाएं हिलती दिखाई देती हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ जाती है. अस्पताल आने वाले मरीजों में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल होते हैं, जो अक्सर इसी पेड़ के आसपास खड़े होकर वाहन या परिजनों का इंतजार करते हैं. ऐसे में किसी भी समय पेड़ का गिरना गंभीर हादसे का कारण बन सकता है. लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी दुर्घटना के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले सक्रिय होना चाहिए. समय रहते आवश्यक कार्रवाई से जान-माल की संभावित क्षति को रोका जा सकता है.

प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग

स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन, वन विभाग तथा अस्पताल प्रबंधन से सूखे शीशम के पेड़ को जल्द हटाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उनका मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर खड़े ऐसे जर्जर पेड़ दुर्घटनाओं को आमंत्रण देते हैं. यदि समय रहते पेड़ को हटाकर सुरक्षित व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़ी घटना की जिम्मेदारी तय करना मुश्किल होगा. लोगों ने प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल पहल करने और अस्पताल परिसर को सुरक्षित बनाने की मांग की है.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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