रजौन विद्युत एसडीओ की गिरफ्तारी के बाद धोरैया में हड़कंप, उठी जांच की मांग

Banka News : रजौन के सहायक विद्युत अभियंता (एसडीओ) को निगरानी विभाग द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने के बाद बांका जिले के धोरैया क्षेत्र में भी हलचल तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर लोग विभिन्न विभागों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने लगे हैं.

धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट

Banka News : निगरानी विभाग की कार्रवाई में रजौन विद्युत प्रशाखा के सहायक विद्युत अभियंता विजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी के बाद धोरैया के सरकारी कार्यालयों में हड़कंप का माहौल देखा जा रहा है. इस कार्रवाई के दूसरे दिन भी विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा का दौर जारी रहा. वहीं आम लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने क्षेत्र में भी भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग तेज कर दी है.

निगरानी की कार्रवाई से बढ़ी बेचैनी

रिश्वतखोरी के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद सरकारी दफ्तरों में सतर्कता बढ़ गई है. लोगों का कहना है कि निगरानी विभाग की त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई ने भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है. कई कार्यालयों में इस कार्रवाई को लेकर दिनभर चर्चा होती रही.

सोशल मीडिया पर मुखर हुए लोग

घटना के बाद सोशल मीडिया पर आम लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है. कई लोगों ने धोरैया प्रखंड के विद्युत आपूर्ति प्रशाखा समेत अन्य विभागों की भी जांच कराने की मांग उठाई है. सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियों में लोगों ने विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को सामने रखा है.

विद्युत विभाग को लेकर उठे सवाल

कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि विद्युत विभाग में दलालों का प्रभाव बढ़ गया है और आम उपभोक्ताओं को कई बार अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन मुद्दों को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है.

अन्य विभागों की कार्यशैली पर भी सवाल

रजौन की घटना के बाद केवल विद्युत विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं. कई नागरिकों ने विभिन्न विभागों में पारदर्शिता बढ़ाने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

बुद्धिजीवियों ने की कार्रवाई की सराहना

क्षेत्र के कई बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निगरानी विभाग की कार्रवाई का स्वागत किया है. उनका मानना है कि ऐसी कार्रवाई से सरकारी तंत्र में जवाबदेही बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही ईमानदार कर्मचारियों का मनोबल भी मजबूत होगा.

पारदर्शिता की बढ़ी उम्मीद

लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाए, तो सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़ेंगे. रजौन की घटना के बाद अब क्षेत्र के लोगों की नजरें आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाइयों पर टिकी हैं.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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