धोरैया के गौरा गांव में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों ने पंप चालक पर लगाया जलापूर्ति बाधित करने का आरोप
Water Crisis in Gaura Village : बांका जिले के धोरैया प्रखंड स्थित गौरा गांव में नल-जल योजना की जलापूर्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि पंप चालक की मनमानी के कारण सैकड़ों लोगों को समय पर पेयजल नहीं मिल पा रहा है. परेशान ग्रामीणों ने अब बीडीओ से हस्तक्षेप कर कार्रवाई की मांग की है.
Banka News : धोरैया (बांका) प्रखंड के ताहिरपुर गौरा पंचायत अंतर्गत गौरा गांव में पेयजल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. गांव के लोगों ने जलमीनार से जुड़े पंप चालक पर जानबूझकर पानी की सप्लाई बाधित करने का आरोप लगाते हुए धोरैया बीडीओ को लिखित आवेदन सौंपा है.
ग्रामीण रमण कुमार सिंह, लक्ष्मी नारायण सिंह, विजय सिंह, चंदर ठाकुर, छंगूरी कुमार, कैलाश मंडल और मानस सिंह समेत कई लोगों ने आवेदन में बताया है कि गांव में स्थापित मोटर और बोरिंग पूरी तरह से कार्यरत हैं. इसके बावजूद पंप चालक समय पर मोटर चालू नहीं करता, जिससे नियमित जलापूर्ति प्रभावित रहती है.
जलमीनार चालू, फिर भी नहीं मिल रहा पानी
ग्रामीणों का कहना है कि तकनीकी रूप से जलमीनार में कोई बड़ी खराबी नहीं है. मोटर और बोरिंग की स्थिति भी संतोषजनक है. इसके बावजूद पंप चालक अक्सर अलग-अलग बहाने बनाकर पानी की सप्लाई बंद रखता है. शिकायत के अनुसार जरूरत पड़ने पर पंप चालक अपने घर पर भी उपलब्ध नहीं रहता, जिससे समस्या और बढ़ जाती है.
125 घरों पर संकट, पानी के लिए भटक रहे लोग
गौरा गांव में नल-जल योजना के तहत करीब 125 घरों तक पानी की आपूर्ति की जाती है. लेकिन पिछले कुछ समय से अनियमित जलापूर्ति के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. भीषण गर्मी के इस मौसम में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है.ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना का लाभ उन्हें नियमित रूप से नहीं मिल पा रहा है. इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.
पंप चालक को हटाने की मांग
ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी पंप चालक को तत्काल हटाया जाए और गांव में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो समस्या और गंभीर हो सकती है.इस संबंध में धोरैया बीडीओ ने ग्रामीणों को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है. अब गांव के लोगों की निगाह प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर कब तक उन्हें नियमित और निर्बाध पेयजल आपूर्ति मिल सकेगी.
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