इंटरस्तरीय प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय कटोरिया की चहारदीवारी से सटे कई सूखे शीशम के पेड़ इन दिनों हादसे को खुला न्योता दे रहे हैं. विद्यालय परिसर के समीप पीएचईडी कार्यालय कैंपस और प्रखंड मुख्यालय परिसर के प्रवेश द्वार के पास खड़ा सूखा पेड़ विशेष रूप से चिंता का कारण बना हुआ है. बरसात के मौसम में तेज हवा और आंधी के बीच पेड़ की सूखी डालियां या पूरा पेड़ गिरने की आशंका से छात्राओं, शिक्षकों और आसपास के लोगों में डर बना हुआ है.
पेड़ के ऊपर से गुजर रहा बिजली तार
इस मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि सूखे पेड़ के ऊपर से बिजली का तार भी गुजर रहा है. तेज हवा या बारिश के दौरान पेड़ की डालियां तार के संपर्क में आने पर विद्युत दुर्घटना का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान हवा की रफ्तार बढ़ने पर सूखे पेड़ की स्थिति और खतरनाक हो जाती है. यदि पेड़ या उसकी बड़ी शाखा अचानक गिरती है तो आसपास मौजूद लोगों के साथ-साथ विद्यालय आने वाली छात्राओं को भी नुकसान पहुंच सकता है.
स्कूल गेट के पास होने से बढ़ी चिंता
विद्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं और अन्य कर्मी पहुंचते हैं. प्रवेश द्वार के समीप ही सूखा पेड़ खड़ा होने के कारण लोगों को हमेशा किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है.
खासकर सुबह और छुट्टी के समय विद्यालय के मुख्य द्वार के आसपास छात्राओं की आवाजाही अधिक रहती है. ऐसे में आंधी या तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने की स्थिति में खतरा कई गुना बढ़ सकता है.
प्रधानाध्यापिका ने अधिकारियों को भेजा आवेदन
छात्राओं और विद्यालय कर्मियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रधानाध्यापिका निशा सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने बांका के डीएफओ और पीएचईडी विभाग के अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर सूखे शीशम के पेड़ को जल्द हटाने की मांग की है.
प्रधानाध्यापिका ने अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करते हुए पेड़ को हटाने का आग्रह किया है, ताकि विद्यालय आने वाली छात्राएं और शिक्षक-शिक्षिकाएं सुरक्षित माहौल में पठन-पाठन कर सकें.
समय रहते पेड़ हटाने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सूखे पेड़ को समय रहते नहीं हटाया गया तो तेज आंधी या बारिश के दौरान यह बड़े हादसे का कारण बन सकता है. लोगों ने संबंधित विभाग से स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा के दृष्टिकोण से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है.
लोगों का कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही खतरे को खत्म करना जरूरी है. विद्यालय के प्रवेश द्वार के पास खड़े सूखे पेड़ को जल्द हटाने से छात्राओं और विद्यालय कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.
