कटोरिया में लोहे के गेट में दौड़ा करेंट, 7 साल की बच्ची आयी चपेट में, समय रहते अस्पताल पहुंचाने से बची जान

Banka News : जरा सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है. बांका के एक गांव में घर के लोहे के गेट में करंट उतरने से सात वर्षीय बच्ची उसकी चपेट में आ गई. करंट का तेज झटका लगते ही बच्ची बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई.

कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

Banka News : कटोरिया थाना क्षेत्र के विश्वकर्मानगर गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा होते-होते टल गया. घर के बिजली वायरिंग में लिकेज होने के कारण लोहे के गेट में करंट आ गया था. गेट को छूते ही सात वर्षीय बच्ची को जोरदार करंट का झटका लगा और वह बेहोश हो गई. परिजनों ने आनन-फानन में बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटोरिया में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार किया गया.

गेट को छूते ही बेहोश होकर गिर पड़ी बच्ची

जानकारी के अनुसार विश्वकर्मानगर गांव निवासी ललन चौधरी की सात वर्षीय पुत्री शिवानी कुमारी घर के मुख्य गेट के पास खेल रही थी. इसी दौरान उसने लोहे के गेट को छू लिया. गेट में पहले से करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे उसे जोरदार झटका लगा और वह मौके पर ही बेहोश हो गई.

वायरिंग में लिकेज बना हादसे की वजह

परिजनों ने बताया कि घर की बिजली वायरिंग में लिकेज था. इसी कारण विद्युत धारा लोहे के गेट तक पहुंच गई थी. घटना के समय किसी को इसकी जानकारी नहीं थी. बच्ची के गेट छूते ही हादसा हो गया.

परिजनों ने तुरंत पहुंचाया अस्पताल

बच्ची के बेहोश होते ही परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया. परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे कटोरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया.

मेडिकल टीम ने किया प्राथमिक उपचार

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक डॉ. शैलजानंद शुक्ला ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया. चिकित्सकों की देखरेख में इलाज के बाद बच्ची की स्थिति में सुधार होने लगा और उसकी हालत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है.

घरों में बिजली सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

घटना के बाद गांव में बिजली सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने या क्षतिग्रस्त तारों की नियमित जांच नहीं होने से ऐसे हादसे हो सकते हैं. समय रहते वायरिंग की मरम्मत और अर्थिंग की व्यवस्था करने से दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है.

बरसात और उमस में बढ़ जाता है खतरा

विद्युत विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी और उमस के मौसम में बिजली तारों में लिकेज की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में लोहे के गेट, खिड़कियों और अन्य धातु वस्तुओं के संपर्क में आने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.

जागरूकता और सतर्कता ही बचाव

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी धातु की वस्तु में करंट आने की आशंका हो तो तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर बिजली मिस्त्री से जांच करानी चाहिए. छोटी सी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है.

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Author: AMIT KUMAR SINH

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