स्वतंत्रता दिवस पर बांका और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के अनुसार, बांका व भागलपुर सहित दक्षिण-पूर्वी बिहार के जिलों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 50 से 55 फीसदी तक बारिश होने की प्रबल संभावना है. मौसम के बदलते रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने जिले में 'येलो अलर्ट' जारी किया है और लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है.
तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार, येलो अलर्ट जारी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास बने मौसमी चक्रवात व सिस्टम के कारण वातावरण में भारी नमी बनी हुई है:
- हवा की रफ्तार और वज्रपात का खतरा: मौसम के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका जताई गई है.
- आर्द्रता का स्तर: दिन में आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत के बीच रहेगी, जो रात के समय बढ़कर 90 से 94 प्रतिशत तक पहुंच सकती है.
- तापमान का पारा: आज जिले का अधिकतम तापमान लगभग 34.0°C और न्यूनतम तापमान 27.0°C दर्ज किया गया है.
15 से 19 अगस्त तक कैसा रहेगा बांका का मौसम?
सबौर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा जारी 5 दिवसीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार:
- हल्की से मध्यम बारिश: 15 से 19 अगस्त के दौरान जिले में कई जगहों पर घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी.
- तापमान में उतार-चढ़ाव: इस अवधि के दौरान अधिकतम तापमान 35 से 36°C और न्यूनतम तापमान 28 से 29°C के आसपास रहने का अनुमान है.
- हवा की दिशा: पूर्वानुमान अवधि के दौरान 5 से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पुरवैया (पूर्वी) हवा चलने की संभावना है.
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी एडवाइजरी
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम और वज्रपात की आशंका को देखते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है:
- खुले स्थानों से बचें: बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों, तालाबों और बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न रुकें.
- पक्के मकान की लें शरण: गरज-चमक शुरू होते ही तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में शरण लें.
- किसानों को सलाह: किसान भाई मौसम के पूर्वानुमान और आसमान की स्थिति पर नजर रखते हुए ही खेतों में जाएं और कीटनाशक या उर्वरक के छिड़काव को फिलहाल रोक दें.
