नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड 17 और 18 में बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर स्थानीय महिलाओं में नाराजगी है. बाजार की कई गलियों में खुले में पेशाब किये जाने से दुर्गंध की समस्या बनी हुई है, जबकि मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गयी है. इससे स्थानीय लोगों के साथ महिलाओं और वाहन चालकों को भी रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. महिलाओं ने अब प्रशासन से दोनों समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है.
इन गलियों में दुर्गंध से परेशान हैं महिलाएं
स्थानीय महिलाओं के अनुसार, श्रीराम मेडिकल के सामने वाली गली, महावीर मंदिर गली और गायत्री मंदिर के आसपास के रास्तों में खुले में पेशाब किये जाने की समस्या बनी हुई है. इससे इन स्थानों पर लगातार दुर्गंध रहती है.
महिलाओं का कहना है कि इन रास्तों से रोजाना महिलाओं और युवतियों का आना-जाना होता है. सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की स्थिति के कारण उन्हें असहजता का सामना करना पड़ता है. इससे इलाके की स्वच्छता के साथ-साथ आसपास का माहौल भी प्रभावित हो रहा है.
कार्यपालक पदाधिकारी से लेकर बीडीओ तक को देंगी ज्ञापन
समस्या के स्थायी समाधान को लेकर महिलाओं ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, थानाध्यक्ष, अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को संयुक्त रूप से ज्ञापन देने की बात कही है.
ज्ञापन के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर खुले में पेशाब करने पर रोक लगाने, संबंधित जगहों पर नियमित साफ-सफाई कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जायेगी. महिलाओं ने प्रशासन से स्थल निरीक्षण कर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया है.
मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण से रास्ता हुआ संकरा
वार्ड 17 और 18 की महिलाओं ने बाजार के मुख्य मार्ग पर बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया है. उनका कहना है कि सड़क किनारे दुकानदारों और अन्य लोगों द्वारा किये गये अतिक्रमण के कारण सड़क का काफी हिस्सा घिर गया है.
इससे मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो रहा है. पैदल चलने वाले लोगों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी होती है. महिलाओं ने प्रशासन से मुख्य मार्ग का स्थल निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की मांग की है.
कई महिलाओं ने ज्ञापन पर किये हस्ताक्षर
महिलाओं की ओर से तैयार किये जा रहे ज्ञापन पर रंजना कुमारी, राजकुमारी देवी, नीलम देवी, यशोदा देवी, मंजू देवी और सुनीता देवी समेत कई महिलाओं के हस्ताक्षर हैं. महिलाओं ने कहा कि प्रशासन दोनों समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द स्थल निरीक्षण करे और स्वच्छता तथा अतिक्रमण से जुड़ी परेशानी का समाधान कराये.
