बाराहाट (बांका). प्रखंड क्षेत्र स्थित पंजवारा रेलवे हॉल्ट का अंडरपास एक बार फिर रेलवे प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल रहा है. शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद अंडरपास में करीब चार फीट तक पानी जमा हो गया. जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. हालात ऐसे हो गए कि कई दोपहिया एवं चारपहिया वाहन पानी में बंद पड़ गये और वाहन चालकों को उन्हें धक्का देकर बाहर निकालने के बाद मरम्मत के लिए मैकेनिक के पास ले जाना पड़ा.
अंडरपास पूरी तरह जलमग्न
अंडरपास पूरी तरह जलमग्न होने के कारण बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर सीधे रेलवे ट्रैक पार करते नजर आये. सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस रेलखंड से कई मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें तेज रफ्तार से गुजरती हैं, जिनका पंजवारा रेलवे हॉल्ट पर ठहराव भी नहीं है. इसके बावजूद सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी होती रही और मौके पर लोगों को रोकने या वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए रेलवे का कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था.
अंडरपास बनने के बाद से ही लगातार रहा है विवादों में
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास बनने के बाद से ही यह लगातार विवादों में रहा है. बरसात के दिनों में पानी भरना, दिन में भी अंधेरा पसरा रहना और सड़क का जर्जर होना यहां की स्थायी समस्या बन चुकी है. अंडरपास के भीतर बनी सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है तथा बड़े-बड़े गड्ढों के कारण कई वाहन चालक पहले भी दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद रेलवे प्रशासन ने आज तक इस गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
नतीजतन हर बारिश के बाद अंडरपास लोगों के लिए आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि मौत का जाल बन जाता है. स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि ट्रैक पार करने के दौरान कोई बड़ा रेल हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी. लोगों ने अंडरपास से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था, पर्याप्त रोशनी, सड़क की मरम्मत तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
