बाराहाट (बांका). प्रखंड मुख्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित ऐतिहासिक भेड़ामोड़ खेल मैदान इन दिनों खेल मैदान कम और तालाब अधिक नजर आ रहा है. बारिश होते ही पूरे मैदान में भारी जलजमाव हो जाता है. ऐसे में खिलाड़ियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए दौड़ना तो दूर, मैदान में कदम रखना भी मुश्किल हो गया है. प्रखंड मुख्यालय के इतने करीब होने के बावजूद मैदान की बदहाल स्थिति प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर रही है.
नाला जाम होने से मैदान में जमा हो रहा बारिश और गंदा पानी
स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में मैदान से पानी की समुचित निकासी के लिए नाला बनाया गया था. आरोप है कि नाले के कुछ हिस्सों पर अतिक्रमण कर पक्के मकान बना लिए गए हैं, जिससे जलनिकासी बाधित हो गई है.
स्थिति यह है कि बारिश के पानी के साथ आसपास के रिहायशी इलाकों का रोजमर्रा का गंदा पानी भी मैदान में जमा हो रहा है. जलनिकासी की व्यवस्था बाधित रहने से मैदान लगातार जलभराव की समस्या से जूझ रहा है.
खिलाड़ियों और अभ्यर्थियों के सपनों पर फिर रहा पानी
भेड़ामोड़ मैदान में प्रतिदिन सुबह-शाम दर्जनों युवा दौड़, व्यायाम और फुटबॉल-क्रिकेट का अभ्यास करने पहुंचते हैं. खासकर सेना, बिहार पुलिस, एसएससी जीडी और अर्धसैनिक बलों की शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह मैदान महत्वपूर्ण अभ्यास केंद्र है. लगातार जलजमाव के कारण इन युवाओं का नियमित अभ्यास प्रभावित हो गया है. अभ्यर्थियों का कहना है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी के लिए रोजाना दौड़ और व्यायाम जरूरी है. मैदान में पानी जमा रहने से अभ्यास नहीं हो पा रहा है, जिसका असर उनके प्रदर्शन और चयन की तैयारी पर पड़ने की आशंका है.
अतिक्रमण मुक्त नाले की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब मैदान से पानी निकालने के लिए पहले से नाला बना हुआ है तो उसे अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए. ग्रामीणों ने नाले की जांच कर अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मैदान का उपयोग धीरे-धीरे बंद हो जाएगा और आने वाले समय में इसका अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है.
जांच और मापी के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर बाराहाट के अंचलाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि समस्या को पूरी गंभीरता से लिया गया है. शीघ्र ही संबंधित राजस्व कर्मचारी को स्थल पर भेजकर जांच और मापी करायी जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर नाले से अतिक्रमण हटाने और जलनिकासी बहाल करने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
