बांका. पश्चिमी चंपारण (बेतिया) के खेल भवन सह व्यायामशाला प्रांगण में 19 और 20 सितंबर को आयोजित 16वीं बिहार राज्य वुशू सीनियर खेल प्रतियोगिता में बांका के खिलाड़ी विभीषण पांजियारा ने रजत पदक जीता. उन्होंने अन्य शैली-शाओलिन पारंपरिक स्पर्धा में प्रभावी प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की.
शाओलिन पारंपरिक स्पर्धा में किया शानदार प्रदर्शन
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विभीषण पांजियारा ने शाओलिन पारंपरिक शैली में अपनी तकनीक और कौशल का प्रदर्शन किया. कड़े मुकाबले के बीच बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया.
उनकी इस उपलब्धि को जिले के लिए महत्वपूर्ण खेल सफलता के रूप में देखा जा रहा है. प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद स्थानीय खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने उन्हें बधाई दी.
गुरु के मार्गदर्शन को दिया सफलता का श्रेय
विभीषण पांजियारा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरु लाओशी राम राय, हरियाणा के मार्गदर्शन को दिया. उन्होंने बताया कि अनुशासित प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और गुरु के दिशा-निर्देशों ने प्रतियोगिता की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकी बारीकियों को प्रतियोगिता में प्रभावी तरीके से लागू करने का प्रयास किया, जिसका परिणाम रजत पदक के रूप में सामने आया.
स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर पर मौका
प्रतियोगिता के समापन समारोह में बिहार वुशू संघ के मुख्य सचिव सुमन मिश्रा ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की. उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण और रजत पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को आगामी राष्ट्रीय स्तर की वुशू प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा. इस घोषणा के बाद विभीषण पांजियारा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का रास्ता भी खुल गया है.
राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए बढ़ी उम्मीद
राज्य स्तर पर रजत पदक हासिल करने के बाद विभीषण अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी करेंगे. जिले के खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वह राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर बांका और बिहार का नाम रोशन करेंगे.
खेल संघों और स्थानीय लोगों ने दी बधाई
विभीषण पांजियारा की उपलब्धि पर जिले के खेल प्रेमियों, विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी. लोगों ने उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं.
