बांका से सुभाष वैद्य की रिपोर्ट.
Banka Weather : बांका जिले में भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बुधवार को सुबह से ही मौसम में नमी और उमस का असर देखने को मिला. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर कर दिया. दोपहर तक तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया और जिले के कई हिस्सों में लू जैसे हालात बन गए. हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत दिए हैं और 13 जून को भारी बारिश की संभावना जताई है.
धूप और उमस ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
बुधवार को सुबह से ही वातावरण में उमस महसूस की गई. सुबह 10 बजे के बाद सूरज की तपिश तेज होने लगी और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम होने लगी. दोपहर 12 बजे तक चिलचिलाती धूप के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ काफी कम हो गई. गर्म हवाओं और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया.
गर्मी से बचने के लिए लोग पंखा, कूलर और एसी का सहारा लेते नजर आए. वहीं खेतों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा. चिकित्सकों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है.
13 जून को बदल सकता है मौसम का मिजाज
भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा और भारत मौसम विज्ञान विभाग के संयुक्त पूर्वानुमान के अनुसार 10 जून से 14 जून के बीच जिले के कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है.
विशेष रूप से 13 जून को जिले में भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. साथ ही कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा भी हो सकती है. इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करने और मौसम बुलेटिन पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण कृषि गतिविधियों पर असर पड़ सकता है. इसलिए किसानों को आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए.
अल नीनो के संकेत से बढ़ी चिंता
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि नवीनतम जलवायु मॉडल के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अल नीनो जैसी परिस्थितियां विकसित हो सकती हैं. यदि ऐसा होता है तो बिहार में सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका बन सकती है.
हालांकि फिलहाल जिले में बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन लंबे समय के मानसूनी पूर्वानुमान को लेकर विशेषज्ञ लगातार निगरानी कर रहे हैं. अल नीनो का प्रभाव कृषि और जल संसाधनों पर पड़ सकता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सलाह
चिकित्सकों ने लोगों से अनावश्यक रूप से धूप में बाहर नहीं निकलने की अपील की है. उन्होंने कहा कि शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से पानी पीते रहें. ओआरएस, नींबू पानी, नारियल पानी, गन्ने का रस, तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन गर्मी से बचाव में मददगार साबित हो सकता है.
फिलहाल बांका के लोगों को भीषण गर्मी और संभावित मौसम बदलाव दोनों के लिए तैयार रहने की जरूरत है. आने वाले कुछ दिन जिले के मौसम की दिशा तय कर सकते हैं.
