बांका जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. मौसम विभाग ने बुधवार को जिले के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है. दोपहर बाद आसमान में बादल छाये रहने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार 16 से 20 सितंबर तक जिले में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. इस दौरान कहीं तेज धूप तो कहीं बारिश होने की संभावना है.
आज 10.10 मिमी तक बारिश के आसार
बुधवार को जिले में करीब 10.10 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है. इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 5 से 11 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. औसत आर्द्रता 72 से 81 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है.
वहीं अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर नहीं रहने की सलाह दी है. पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने तथा सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेने की अपील की गयी है.
तेज बारिश से खेतों में बढ़ा पानी, किसानों को राहत
मंगलवार को जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई तेज बारिश के बाद खेतों में पानी का स्तर बढ़ गया. लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे धान की फसल में राहत मिलने की उम्मीद है. कई इलाकों में खेतों में पर्याप्त पानी जमा होने से फिलहाल सिंचाई की चिंता कम हुई है.
20 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने 16 से 20 सितंबर तक का मध्यावधि मौसम पूर्वानुमान जारी किया है. इसके अनुसार इस अवधि में दक्षिण बिहार के जिलों में घने बादल छाये रहने के साथ एक-दो स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. पूरबा हवा 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है.
धान में खरपतवार और मक्का में तना छेदक पर नजर
कृषि वैज्ञानिकों ने मौसम को देखते हुए धान की फसल में खरपतवार नियंत्रण पर ध्यान देने की सलाह दी है. कम बारिश की स्थिति में खरपतवार तेजी से बढ़ सकते हैं, इसलिए समय पर निराई-गुड़ाई करने को कहा गया है.
वहीं खरीफ मक्का की फसल में तना छेदक की नियमित निगरानी की सलाह दी गयी है. पौधे की मध्य कलिका सूखकर मुरझाने या खींचने पर आसानी से निकलने जैसे लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित कृषि उपचार करने को कहा गया है.
