बांका में पंचायत प्रतिनिधियों का बड़ा सम्मेलन, ग्रामीण रोजगार और विकास योजनाओं पर अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारी

बांका में आयोजित जिला स्तरीय पंचायती सम्मेलन में ग्रामीण विकास, रोजगार के अवसर और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन चर्चा हुई. इस सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया.

Banka News: बांका में ग्रामीण विकास, रोजगार और पंचायतों की भूमिका को लेकर शनिवार को बांका में जिला स्तर का पंच सम्मेलन आयोजित किया गया. जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र परिसर स्थित सभागार में हुए इस सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, जल संरक्षण, सिंचाई, आधारभूत संरचना और पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई.

सम्मेलन की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने की. कार्यक्रम में अधिकारियों ने जिस योजना को "विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025" के रूप में संबोधित किया, उसके प्रावधानों और पंचायतों की भूमिका पर प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई. अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाना है.

पंचायतों की भूमिका को बताया गया अहम

जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं की सफलता काफी हद तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है. उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, कार्यान्वयन, निगरानी और सामाजिक जवाबदेही जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी.

उन्होंने कहा कि किसी भी ग्रामीण विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह जरूरी है कि पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधि और संबंधित पदाधिकारी उसके प्रावधानों, प्रक्रियाओं और अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझें. इसी उद्देश्य से जिला स्तर पर ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं.

रोजगार और ग्रामीण विकास पर रहा विशेष जोर

सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष बल दिया गया. अधिकारियों के अनुसार जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, तालाब और पोखरों का जीर्णोद्धार तथा ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई.

जिला प्रशासन का मानना है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और गांवों में विकास कार्यों की गति तेज होगी. पंचायत प्रतिनिधियों को यह भी बताया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी.

प्रशिक्षण और जागरूकता पर दिया गया बल

कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रक्रियाओं की समुचित जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है. इसके लिए जिला स्तर पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि पंचायत स्तर पर योजनाओं का बेहतर संचालन हो सके.

जिला पदाधिकारी ने उपस्थित प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में पात्र ग्रामीण परिवारों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी जितनी मजबूत होगी, योजनाओं का प्रभाव उतना ही व्यापक होगा.

Banka News: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की पहल

सम्मेलन में शामिल अधिकारियों ने कहा कि यदि पंचायत स्तर पर योजनाओं का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे, साथ ही जल संरक्षण, सिंचाई और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को भी मजबूती मिलेगी. इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है.

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By विभांशु सिंह

विभांशु सिंह प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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