बांका में दाल-तेल से लेकर प्याज तक महंगा, बढ़ती कीमतों ने बिगाड़ा घर का बजट

Banka Mandi : बांका मंडी में आज: रोजमर्रा की रसोई पर महंगाई की मार, मंडी में कई जरूरी खाद्यान्नों के दाम चढ़े

बांका मंडी से सुभाष वैद्य की रिपोर्ट

Banka Mandi : बांका में बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. शहर की प्रमुख मंडियों में खाद्यान्न, दलहन और तेलहन की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. कारोबारियों के अनुसार परिवहन लागत में वृद्धि और बाजार में आवक की अनिश्चितता के कारण कई जरूरी वस्तुओं के दाम ऊंचे बने हुए हैं. इसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है. पहले जहां एक बार में महीनेभर का राशन आसानी से खरीदा जा सकता था, वहीं अब रोजमर्रा की खरीदारी भी जेब पर भारी पड़ रही है.

महंगाई का बढ़ता दबाव

मंडी के कारोबारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से खाद्यान्न और किराना सामान की कीमतों में स्थिरता नहीं है. कभी आवक घटने तो कभी परिवहन खर्च बढ़ने के कारण बाजार भाव में लगातार बदलाव हो रहा है. खासकर दाल, सरसों तेल और बासमती चावल जैसी वस्तुओं की कीमतें उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा रही हैं.

घरेलू महिलाओं का कहना है कि रसोई का बजट पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है. दाल और तेल जैसी जरूरी वस्तुओं पर अधिक खर्च होने से अन्य घरेलू जरूरतों के लिए पैसे बचाना मुश्किल हो रहा है.

माल ढुलाई शुल्क बनी बड़ी वजह

व्यापारियों के अनुसार खाद्यान्न महंगा होने के पीछे सबसे बड़ी वजह परिवहन खर्च में वृद्धि है. डीजल की कीमतों और माल ढुलाई शुल्क में बढ़ोतरी का असर सीधे बाजार पर पड़ रहा है. थोक विक्रेताओं से लेकर खुदरा दुकानदारों तक को अतिरिक्त लागत वहन करनी पड़ रही है, जिसका असर उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है.

दाल और तेल ने बढ़ाई चिंता

मंडी में अरहर दाल 11 हजार से 14 हजार 500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है. वहीं मूंग दाल 9,540 से 9,600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच है. सरसों तेल के 15 लीटर टिन की कीमत 2,070 से 2,470 रुपये तक पहुंच गई है. इससे रसोई खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है.

आज का मंडी भाव

स्थानीय मंडी में गेहूं 2,600 से 2,650 रुपये, मक्का 2,100 से 2,150 रुपये, मंसूरी चावल 3,250 से 3,400 रुपये और बासमती चावल 12,500 से 13,500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है. आलू 1,200 से 1,450 रुपये और प्याज 1,800 से 1,900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर उपलब्ध है.

महंगाई के इस दौर में उपभोक्ताओं की नजर अब मंडी के भाव और आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा पर टिकी हुई है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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