Banka Land Fraud Case: जमीन के कागजात में हेरफेर कर दूसरे की जमीन अपने नाम कराने के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. बांका सदर थाना क्षेत्र के अम्बा गांव में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले के दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
मामले का खुलासा तब हुआ, जब जमीन मालिक ने अंचल कार्यालय से आरटीआई के जरिये जमीन से जुड़े दस्तावेज हासिल किये. कागजात की जांच के दौरान कथित फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आयी. इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गयी.
आरटीआई से मांगे दस्तावेज तो सामने आया फर्जीवाड़ा
सदर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार के अनुसार, पलियार गांव निवासी रुपेश कुमार सिंह की जमीन के फर्जी कागजात तैयार कर गांव के ही धीरेंद्र राउत और फुटल यादव ने कथित तौर पर जमीन अपने नाम करा ली थी.
जमीन से संबंधित प्रक्रिया और दस्तावेजों को लेकर रुपेश कुमार सिंह को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने अंचल कार्यालय में आरटीआई के माध्यम से संबंधित कागजात की मांग की. दस्तावेज मिलने के बाद जांच करने पर उन्हें जमीन के कागजात में कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली.
इसके बाद जमीन मालिक ने पूरे मामले की शिकायत बांका एसपी से की.
एसपी के निर्देश पर दर्ज हुई प्राथमिकी
शिकायत मिलने के बाद वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर बांका थाना में धीरेंद्र राउत और फुटल यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
पुलिस के अनुसार, अनुसंधान के दौरान आरोपों की पुष्टि हुई और मामले में दोनों की संलिप्तता सामने आयी. इसके बाद पुलिस टीम ने शनिवार देर रात दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.
जांच के बाद दोनों आरोपित भेजे गये जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों से मामले को लेकर पूछताछ की. इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों को न्यायालय में पेश किया गया. न्यायालय के आदेश पर दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
जमीन से जुड़े मामलों में दस्तावेजों की जालसाजी और नामांतरण में फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आने के बीच यह मामला महत्वपूर्ण है. इस मामले में आरटीआई के माध्यम से हासिल किये गये दस्तावेजों से कथित फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पुलिस तक शिकायत पहुंची और कार्रवाई आगे बढ़ी.
Banka Land Fraud Case: अब पुलिस की जांच में सामने आएगी पूरी कड़ी
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि जमीन के फर्जी कागजात कैसे तैयार किये गये और इस प्रक्रिया में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं. जमीन से जुड़े दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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