बांका में आलू किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: 'लेडी रोसेटा' की खेती पर 75% तक अनुदान; जानिए कैसे मिलेगा ₹93 हजार से ज्यादा का लाभ

बांका जिले में 'लेडी रोसेटा' प्रभेद के आलू की खेती के विस्तार के लिए कृषि विभाग ने योजना को मंजूरी दी है. इसके तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹93 हजार से अधिक का अनुदान मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी.

बांका. जिले में प्रसंस्करण के लिए उपयुक्त लेडी रोसेटा प्रभेद के आलू की खेती के क्षेत्र विस्तार की योजना को कृषि विभाग ने मंजूरी दी है. स्वीकृत्यादेश के अनुसार जिले में इस योजना के तहत कुल 25 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए 23 लाख 46 हजार 575 रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है. योजना का उद्देश्य लेडी रोसेटा आलू का उत्पादन बढ़ाने, खेती का क्षेत्र विस्तार करने और किसानों को प्रसंस्करण आधारित बाजार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है.

महिला किसानों को 30 प्रतिशत प्राथमिकता

योजना के तहत सभी श्रेणी के किसानों का चयन किया जाएगा. इसमें महिला किसानों को 30 प्रतिशत प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है. विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को प्रसंस्करण योग्य आलू की खेती से जोड़ना है, ताकि उन्हें बाजार की बेहतर संभावनाओं का लाभ मिल सके.

किसानों को 75 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान

लेडी रोसेटा आलू की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल बीज की दर निर्धारित की गयी है. बीज की अनुमानित कीमत चार हजार रुपये प्रति क्विंटल या वास्तविक बीज मूल्य, दोनों में जो कम होगा, उसी के आधार पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा.

प्रति हेक्टेयर अनुमानित इकाई लागत 1,25,150 रुपये निर्धारित है. इस पर 75 प्रतिशत यानी अधिकतम 93,863 रुपये तक अनुदान दिया जाएगा. अनुदान दो किस्तों में उपलब्ध कराया जाएगा.

दो किस्तों में मिलेगी अनुदान राशि

पहली किस्त के रूप में 70,397 रुपये इनपुट और उपादान की खरीद के लिए दिये जाएंगे. दूसरी किस्त के रूप में 23,466 रुपये आलू की रोपाई के बाद स्थल निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के बाद दिये जाएंगे.

अक्टूबर के अंत से शुरू होगी आलू की खेती

विभागीय जानकारी के अनुसार रबी मौसम में आलू की खेती अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के दूसरे सप्ताह तक की जाती है. लेडी रोसेटा के क्षेत्र विस्तार के लिए टिश्यू कल्चर से संवर्धित आधार बीज जिला उद्यान पदाधिकारी के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा.

पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा चयन

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है. आवेदन बिहार कृषि ऐप के माध्यम से किया जाएगा. किसानों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा.

योजना में लघु एवं सीमांत किसानों के साथ पट्टे या बटाई की जमीन पर खेती करने वाले गैर-रैयत किसानों को भी शामिल किया गया है. ऐसे किसानों को निर्धारित एकरारनामा के आधार पर योजना का लाभ दिया जाएगा.

एक किसान को अधिकतम दो हेक्टेयर तक लाभ

एक किसान को न्यूनतम 0.25 एकड़ यानी 0.10 हेक्टेयर और अधिकतम पांच एकड़ यानी दो हेक्टेयर तक योजना का लाभ मिल सकेगा. हालांकि पिछले वर्षों में इस योजना का लाभ ले चुके किसानों का चयन इस वर्ष नहीं किया जाएगा.

चयनित क्लस्टरों में होगा योजना का क्रियान्वयन

योजना का क्रियान्वयन चयनित क्लस्टरों में किया जाएगा. एक क्लस्टर के लिए प्रति ग्राम पंचायत न्यूनतम 25 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है. संबंधित जिले में क्लस्टर का चयन जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा.

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लेखक के बारे में

By विभांशु सिंह

विभांशु सिंह प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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