Banka News: बांका जिले के धोरैया स्थित बी.एन. कॉलेज ऑफ एजुकेशन में B.Ed 2026-28 सत्र के नए प्रशिक्षुओं का स्वागत उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया. महाविद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में दीप प्रज्ज्वलन, मंत्रोच्चारण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ नए शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ हुआ.
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सचिव अजय कुमार यादव, प्रशासनिक पदाधिकारी डॉ. अमर कुमार साहा, प्रणव प्रिये, प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र लाल, डॉ. शालिनी सिंह, डॉ. वीर सिंह, डॉ. अजितेश कुमार साहा, डॉ. कुंदन कुमार, डॉ. गोपाल कृष्ण और डॉ. राकेश कुमार सहित कई शिक्षकों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया. मंत्रोच्चारण प्रशिक्षु गोविंद द्वारा किया गया.
द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं ने किया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षुओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रथम वर्ष के नवप्रशिक्षुओं का स्वागत किया.
द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु मनीष, लक्की, सुभाष, शिवप्रिया और सन्नी ने अपने अनुभव साझा करते हुए नए विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.
मंच संचालन शैलेश कुमार और तुलसी कुमारी ने किया.
महाविद्यालय हर कदम पर साथ रहेगा
महाविद्यालय के सचिव अजय कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि संस्थान परिवार हर विद्यार्थी के साथ मजबूती से खड़ा है.
उन्होंने नवप्रशिक्षुओं से नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लेने और शिक्षक प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने की अपील की.
अच्छा शिक्षक ही समाज का निर्माता
प्रशासनिक पदाधिकारी डॉ. अमर कुमार साहा ने कहा कि कई मेधावी छात्र-छात्राएं आर्थिक रूप से साधारण परिवारों से आते हैं.
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को एक अच्छा इंसान और सफल शिक्षक बनाने के लिए हर संभव शैक्षणिक और मार्गदर्शन संबंधी सहयोग प्रदान करेगा.
उन्होंने कहा कि एक सफल शिक्षक ही समाज का निर्माण करता है और राज्य तथा देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
Banka News: बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं की भागीदारी
कार्यक्रम को सफल बनाने में द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु सुभाष, साकेत, शिवप्रिया, निशु, गगनदीप, लक्की, जयमाला, नेहा, सोनाली, लक्ष्मण, जयंत, साजन, काजल, मोनी, सन्नी, पूनम, सौरभ, प्रिंस, गौतम, शुभांकेश सहित अन्य प्रशिक्षुओं की सक्रिय भूमिका रही.
नए सत्र के शुभारंभ के साथ महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुई.
