ATM में फंसा कार्ड, बैंककर्मी बन साइबर ठगों ने उड़ाए 1.15 लाख

गोविंदपुर गांव निवासी नौशाद अंसारी एटीएम से नकदी निकालने के दौरान साइबर ठगों के जाल में फंस गए और उनके बैंक खाते से 1 लाख 15 हजार रुपये उड़ा लिए गए.

बौंसी, (बांका ) से संजीव पाठक की रिपोर्ट :

साइबर अपराधियों ने एक बार फिर अपनी चालाकी से एक व्यक्ति को ठगी का शिकार बना लिया. बाराहाट थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी नौशाद अंसारी एटीएम से नकदी निकालने के दौरान साइबर ठगों के जाल में फंस गए और उनके बैंक खाते से 1 लाख 15 हजार रुपये उड़ा लिए गए. पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर थाना में करने की बात कही है. नौशाद अंसारी शुक्रवार को बौंसी बाजार के दुमका रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से 10 हजार रुपये की निकासी कर चुके थे. शनिवार को उन्हें 50 हजार निकालने थे. वे उसी एटीएम पर पहुंचे और कार्ड मशीन में डालकर निकासी की प्रक्रिया शुरू की. उनका एटीएम कार्ड मशीन के अंदर फंस गया. कार्ड फंसने से परेशान नौशाद की नजर एटीएम के ऊपर स्थायी मार्कर से लिखे एक मोबाइल नंबर पर पड़ी. उन्होंने उसे बैंक सहायता नंबर समझकर कॉल कर दिया. फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंककर्मी बताते हुए भरोसे में लिया और सहायता करने का आश्वासन दिया.

बैंककर्मी बनकर कर ली ठगी

कथित बैंककर्मी ने पीड़ित को कई तरह के निर्देश दिए और बातचीत के दौरान एटीएम मशीन में दो बार गोपनीय पिन नंबर भी दर्ज करवाया. बाद में उसने कहा कि सुरक्षा कारणों से कार्ड को मशीन के अंदर सुरक्षित कर दिया गया है, बैंक शाखा से प्राप्त किया जा सकता है. कुछ ही देर बाद नौशाद के मोबाइल पर बैंक से राशि कटने का संदेश आने लगा. खाते की जांच करने पर पता चला कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके खाते से कुल 1 लाख 15 हजार रुपये निकाल लिए हैं. घटना के बाद पीड़ित के होश उड़ गए.जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में इसे सुनियोजित साइबर ठगी का मामला माना जा रहा है. आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने पहले से एटीएम पर फर्जी हेल्पलाइन नंबर लिख रखा था और कार्ड फंसने जैसी स्थिति का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया.

सिर्फ बैंक के आधिकारिक टोल फ्री नंबर पर ही करें शिकायत

एचडीएफसी के शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार, साइबर विशेषज्ञों और बैंक अधिकारियों का कहना है कि एटीएम, बैंक की दीवारों, पर्चियों या अन्य स्थानों पर लिखे किसी भी मोबाइल नंबर पर भरोसा नहीं करना चाहिए. किसी भी समस्या की स्थिति में केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, पासबुक, डेबिट कार्ड के पीछे अंकित या बैंक द्वारा जारी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर ही संपर्क करें.

कार्ड फंसने या अवैध निकासी पर बैंक में करें शिकायत

यदि एटीएम कार्ड फंस जाए, मशीन खराब हो जाए या खाते से अनधिकृत निकासी हो जाए तो तुरंत बैंक के आधिकारिक ग्राहक सेवा केंद्र पर शिकायत दर्ज कराएं और कार्ड को तत्काल ब्लॉक कराएं. साथ ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें तथा साइबर क्राइम पोर्टल पर भी रिपोर्ट करें.

सावधानी ही बचाव

एटीएम में किसी भी अजनबी की मदद न लें.अपना पिन, ओटीपी या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें.

एटीएम पर लिखे मोबाइल नंबरों पर कभी कॉल न करें.

कार्ड फंसने पर तुरंत बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें.

संदिग्ध लेन-देन होने पर तुरंत बैंक और साइबर पुलिस को सूचित करें.

एक छोटी सी लापरवाही ने नौशाद अंसारी को 1.15 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा दिया. यह घटना लोगों के लिए चेतावनी है कि साइबर अपराधी अब एटीएम केंद्रों को भी अपना निशाना बना रहे हैं.ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है.

एटीमए कर दिया बंद, गार्ड की प्रतिनुयक्ति होने पर खुलेगा एटीमए

घटना के बाद प्रभात खबर के स्थानीय संवाददाता की पहल पर एचडीएफसी के शाखा प्रबंधक ने बौंसी बाजार के दुमका रोड स्थित एचडीएफसी के एटीएम को बंद करवा दिया. उन्होंने कहा कि 2 दिन के अंदर गार्ड की प्रतिनियुक्ति के बाद इसे खोला जाएगा.

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Author: MANISH KUMAR

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